बिलासपुर, 13 जून। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कोयले की हेराफेरी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। मामले का पर्दाफाश भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन प्रबंधन द्वारा कोयले की गुणवत्ता जांच के दौरान हुआ। शिकायत के आधार पर सकरी पुलिस ने कोल डिपो संचालक, सुपरवाइजर, ट्रक मालिक और ड्राइवरों समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, लोखंडी स्थित भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन के कारखाना प्रबंधक आर.के. पाण्डेय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 9 जून को दीपका कोल माइंस से एफ/जी ग्रेड का कोयला कंपनी के लिए मंगवाया गया था। 10 जून की सुबह तीन ट्रकों के माध्यम से कोयला प्लांट पहुंचा, लेकिन लैब जांच में कोयले की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
जांच और पूछताछ के दौरान ट्रक चालकों ने खुलासा किया कि दीपका से बिलासपुर आने के दौरान रतनपुर-गतौरी स्थित बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन के संचालक दिलीप कुमार और वहां के सुपरवाइजरों की मिलीभगत से उच्च गुणवत्ता वाले एफ/जी ग्रेड कोयले को निकालकर बेच दिया जाता था तथा उसकी जगह निम्न गुणवत्ता का मिलावटी कोयला भर दिया जाता था।
इस हेराफेरी से कंपनी को 25 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दिलीप कुमार, गौरव सिंह, अमित कुमार, रजाक अंसारी सहित ट्रक चालकों उज्जैन अंसारी, आशिक हुसैन और फजल अंसारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में शामिल अन्य आरोपियों, जिनमें कोल डिपो संचालक और ट्रक मालिक भी शामिल हैं, की तलाश जारी है।
कारखाना प्रबंधन ने मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए एसएसपी रजनेश सिंह, एएसपी पंकज पटेल तथा सकरी थाना प्रभारी उमेश साहू का आभार व्यक्त किया है। पुलिस पूरे नेटवर्क और हेराफेरी के तरीके की विस्तृत जांच कर रही है।

