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Wildlife Safety : बस्तर में वन्यजीवों की सुरक्षा का बड़ा अभियान… खुले कुओं पर लगेगी लोहे की जाली, हादसों पर लगेगा विराम… वन विभाग ने तेज किया अभियान

Wildlife Safety: Major campaign for wildlife protection in Bastar... Iron grilles to be installed over open wells to prevent accidents... Forest Department intensifies the drive.

Wildlife Safety

रायपुर, 12 जून। Wildlife Safety : बस्तर के जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल शुरू की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर बस्तर वनमंडल क्षेत्र में खुले और असुरक्षित कुओं को सुरक्षित बनाने का अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है। इसके तहत कुओं के चारों ओर मजबूत मुंडेर (पैरापेट वॉल) का निर्माण किया जाएगा और उन पर लोहे की मजबूत जालियां लगाई जाएंगी, ताकि वन्यजीवों के साथ-साथ ग्रामीणों और मवेशियों को भी दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।

वन्यजीवों के लिए बने थे मौत का जाल, अब मिलेगा सुरक्षित वातावरण

वन विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण में बस्तर वनमंडल क्षेत्र के 29 ऐसे खुले कुएं चिन्हित किए गए हैं, जहां वन्यजीवों के गिरने का खतरा सबसे अधिक है। तेंदुआ, भालू, हिरण सहित कई वन्यजीव पानी की तलाश में या रात के समय भटककर इन कुओं में गिर जाते थे, जिससे उनकी जान पर संकट मंडराता था। अब इन संवेदनशील कुओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य मानसून शुरू होने से पहले सभी चिन्हित कुओं में सुरक्षा संबंधी कार्य पूर्ण करना है।

अधिकारियों की निगरानी में तेजी से चल रहा कार्य

मुख्य वन संरक्षक, जगदलपुर वन वृत्त श्री आलोक तिवारी के मार्गदर्शन तथा बस्तर वनमंडलाधिकारी श्री उत्तम कुमार गुप्ता के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। उप-वनमंडल अधिकारियों और वन परिक्षेत्र अधिकारियों को कार्यों की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कुओं को सुरक्षित बनाया जा सके।

जनसहभागिता से मजबूत होगा संरक्षण अभियान

वनमंडलाधिकारी श्री उत्तम कुमार गुप्ता ने कहा कि वन्यजीव प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनका संरक्षण वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वन प्रबंधन समितियों और नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है। साथ ही लोगों से आग्रह किया गया है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई खुला या असुरक्षित कुआं दिखाई दे तो इसकी जानकारी तत्काल निकटतम वन परिक्षेत्र कार्यालय को दें, जिससे समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा सकें।

सुरक्षित वन्यजीव, सुरक्षित समाज और सुरक्षित भविष्य की ओर कदम

वन विभाग की यह पहल केवल वन्यजीव संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयास मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध जैव-विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सुरक्षित कुएं, सुरक्षित वन्यजीव और सुरक्षित समाज की दिशा में यह अभियान भविष्य के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभर रहा है।

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