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New Bastar Model : बस्तर की बदलेगी तस्वीर… हर परिवार की आय ₹30 हजार महीना करने का लक्ष्य… CM साय ने पेश किया ‘नया बस्तर मॉडल’

New Bastar Model: Bastar set for transformation... Goal to raise every family's income to ₹30,000 per month... CM Sai unveils the ‘New Bastar Model’.

New Bastar Model

नई दिल्ली/रायपुर, 12 जून। New Bastar Model : कभी नक्सलवाद और पिछड़ेपन की पहचान रहा बस्तर अब विकास, निवेश, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए युग में प्रवेश करने की तैयारी कर रहा है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के समग्र विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया। इस योजना का सबसे बड़ा लक्ष्य अगले तीन वर्षों में बस्तर के प्रत्येक परिवार की औसत मासिक आय को बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाना है। वर्तमान में क्षेत्र के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है।

नीति आयोग में गूंजा ‘नया बस्तर मॉडल’, आत्मनिर्भरता पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए बहुआयामी रणनीति तैयार की गई है, जिसमें कृषि, पशुपालन, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए स्थायी आय और रोजगार के अवसर तैयार करना है, जिससे क्षेत्र आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके।

डेयरी क्रांति से गांवों में बढ़ेगी आय, आदिवासी परिवारों को मिलेगा लाभ

बस्तर में डेयरी मॉडल को बड़े पैमाने पर लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनके लिए नियमित और स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा। सरकार का मानना है कि डेयरी गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

₹2000 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर भूमि को मिलेगा पानी

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में 2000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लगभग 32 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे खेती की उत्पादकता बढ़ेगी, किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र में कृषि आधारित रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल, ‘सेवा डेरा’ से मिलेंगी 371 योजनाएं

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि क्षेत्र के लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी और सुलभ बन सकेंगी। वहीं सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित कर 371 सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

पर्यटन बनेगा रोजगार का बड़ा इंजन, हजारों युवाओं को मिलेगा अवसर

मुख्यमंत्री ने बस्तर को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। चित्रकोट, सिरपुर और बस्तर के अन्य प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। वॉटर स्पोर्ट्स, जंगल सफारी और एडवेंचर टूरिज्म जैसी गतिविधियों के विस्तार से हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

एजुकेशन सिटी और स्मार्ट क्लासरूम से बदलेगा भविष्य

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके अलावा हजारों स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जा रहे हैं और स्थानीय भाषाओं में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

विकास, निवेश और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनेगा बस्तर

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर अब केवल संघर्ष और चुनौतियों का प्रतीक नहीं रहेगा, बल्कि विकास, निवेश, रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनेगा। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, टेक्सटाइल, एआई मिशन, स्टार्टअप मिशन और पर्यटन मिशन जैसे क्षेत्रों में हो रहे निवेश राज्य को विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। बस्तर के लिए तैयार किया गया यह रोडमैप क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का नया अध्याय लिखने की क्षमता रखता है।

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