रायपुर, 11 जून। Shop And Establishment Act :छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यापारियों, दुकानदारों और विभिन्न प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत देते हुए दुकान एवं स्थापना अधिनियम के नियमों में व्यापक बदलाव किया है। नए संशोधनों के तहत अब पंजीयन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है और आवेदन के महज 24 घंटे के भीतर श्रम पहचान संख्या सहित पंजीयन प्रमाणपत्र जारी करने का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार का यह कदम ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब विभागों के चक्कर खत्म, ऑनलाइन आवेदन के 24 घंटे में मिलेगा प्रमाणपत्र
श्रम विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार नियोक्ता ऑनलाइन आवेदन, आवश्यक दस्तावेज अपलोड और ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने के बाद 24 घंटे के भीतर वेब पोर्टल से पंजीयन प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे। इससे पहले यह प्रक्रिया अधिक समय लेने वाली और विभागीय स्तर पर निर्भर थी।
कागजों से मिलेगी मुक्ति, डिजिटल होगा पूरा रिकॉर्ड
नए नियमों के तहत दुकानों और प्रतिष्ठानों से संबंधित सभी रिकॉर्ड अब श्रम विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर संधारित किए जाएंगे। इससे न केवल कागजी कार्रवाई कम होगी बल्कि अभिलेखों का डिजिटलीकरण भी सुनिश्चित होगा। ऑनलाइन जारी होने वाला श्रम पहचान संख्या प्रमाणपत्र पूरी तरह वैध माना जाएगा।
गलत जानकारी दी तो होगी कार्रवाई, नियोक्ता की तय होगी जवाबदेही
सरकार ने स्व-घोषणा आधारित व्यवस्था लागू की है, लेकिन इसके साथ जवाबदेही भी तय की गई है। यदि आवेदन में दी गई जानकारी, दस्तावेज या तथ्य गलत, भ्रामक अथवा असत्य पाए जाते हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित नियोक्ता की होगी।
नाम, पता या कर्मचारियों की संख्या बदलते ही ऑनलाइन कर सकेंगे संशोधन
अब प्रतिष्ठान के नाम, पते, कर्मचारियों की संख्या, व्यवसाय की प्रकृति या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों में बदलाव होने पर ऑनलाइन आवेदन के जरिए संशोधन कराया जा सकेगा। इसके लिए 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है और संशोधित प्रमाणपत्र भी 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन जारी किया जाएगा।
नए प्रपत्र में देनी होगी ज्यादा जानकारी, पारदर्शिता पर रहेगा जोर
राज्य सरकार ने पुराने प्रपत्र-2 को पूरी तरह समाप्त कर नया प्रपत्र लागू किया है। इसमें प्रतिष्ठान की श्रम पहचान संख्या, ई-मेल, मोबाइल नंबर, व्यवसाय का प्रकार, संगठन की संरचना, ईएसआई-ईपीएफ विवरण, नियोक्ता और प्रबंधक की जानकारी सहित कर्मचारियों का विस्तृत ब्यौरा दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मिलेगा बड़ा बल, छोटे कारोबारियों को राहत
श्रमायुक्त हिम शिखर गुप्ता के अनुसार नए संशोधन से व्यवसाय शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। ऑनलाइन पंजीयन, स्व-प्रमाणन व्यवस्था और डिजिटल संशोधन प्रणाली से छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और सेवा प्रतिष्ठानों को विशेष लाभ मिलेगा।
पुराने नियम हुए खत्म, अब नए प्रावधानों के तहत ही होंगे सभी काम
राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार नियम 4, नियम 5 और प्रपत्र-2 को पूरी तरह प्रतिस्थापित कर दिया गया है। यानी अब पुराने प्रावधान प्रभावी नहीं रहेंगे और सभी प्रक्रियाएं नए नियमों के अनुसार संचालित की जाएंगी।

