कोरबा, 09 जून। Lost Mobile Recovery : एक मोबाइल सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं होता, उसमें किसी की यादें, मेहनत की कमाई, जरूरी दस्तावेज और अपनों से जुड़ी भावनाएं कैद होती हैं। जब फोन खो जाता है, तो इंसान सिर्फ एक डिवाइस नहीं बल्कि अपनी जिंदगी का एक अहम हिस्सा खो देता है। ऐसे ही टूटे हुए भरोसे और खोई उम्मीदों को फिर से जिंदा करने का काम किया है कोरबा पुलिस ने।
26 लाख के 150 मोबाइल बरामद
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में चल रहे ‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत साइबर पुलिस ने 150 गुमशुदा मोबाइल उनके असली मालिकों को लौटाकर एक मिसाल पेश की है। करीब 26 लाख 62 हजार 410 रुपए कीमत के मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोग भावुक हो गए।
साइबर पुलिस थाने में उस समय भावुक माहौल बन गया जब लोग अपने खोए मोबाइल वापस लेने पहुंचे। किसी ने फोन को सीने से लगा लिया तो किसी की आंखों से आंसू निकल पड़े। एक छात्र ने भावुक होकर कहा, इस फोन में मेरे सालभर के नोट्स थे। फोन खोने के बाद मैं डिप्रेशन में चला गया था। मुझे उम्मीद नहीं थी कि पुलिस इसे ढूंढ पाएगी।
वहीं एक अन्य नागरिक ने बताया, मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। इस फोन में उनकी आखिरी तस्वीरें थीं। मेरे लिए यह मोबाइल लाखों नहीं, करोड़ों की कीमत रखता है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, नीतिश ठाकुर और नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में साइबर सेल की टीम ने CEIR पोर्टल की मदद से देशभर में ट्रैकिंग कर इन मोबाइलों को बरामद किया।
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा और उप निरीक्षक अजय सोनवानी की टीम ने लगातार मेहनत करते हुए 150 परिवारों की खोई हुई मुस्कान वापस लौटा दी। कोरबा पुलिस के मुताबिक पिछले 5 महीनों में 300 से ज्यादा गुम मोबाइल बरामद कर लोगों को लौटाए जा चुके हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

