भिलाई, 09 जून। भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-7 इलाके में एक बार फिर पीलिया के नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय रहवासियों की चिंता बढ़ गई है। शुरुआती जांच में दूषित पेयजल को बीमारी की संभावित वजह माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-7 के वार्ड-67 में पीलिया के तीन नए मरीज मिले हैं। इससे पहले अप्रैल महीने में इसी इलाके की स्ट्रीट नंबर 37 में 9 से 14 अप्रैल के बीच 37 मरीजों में पीलिया की पुष्टि हुई थी। अब दोबारा मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।
जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे ने बताया कि फिलहाल तीनों मरीजों की हालत सामान्य है। एहतियात के तौर पर मेडिकल मोबाइल यूनिट (एमएमयू) को इलाके में स्वास्थ्य शिविर लगाने और लोगों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पानी के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर सर्वे कर रही है और लोगों को उबालकर तथा छानकर पानी पीने की सलाह दी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीमारी का दायरा धीरे-धीरे बढ़ रहा है। पहले स्ट्रीट नंबर 37 और 38 में मामले सामने आए थे, लेकिन अब इसका असर स्ट्रीट नंबर 41, 42 और 43 तक पहुंच चुका है। रहवासियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पुरानी और जर्जर पाइपलाइन की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिससे दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इलाके में पीलिया का गंभीर प्रकोप देखने को मिला था, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे प्रभावित हुए थे। उस समय भी खराब पाइपलाइन और दूषित पेयजल को बीमारी का कारण माना गया था, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।
रहवासियों के अनुसार इस बार भी 10 से 15 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे दो दिन तक आईसीयू में भर्ती रखना पड़ा था। डॉक्टरों ने उसके लीवर पर असर पड़ने की आशंका भी जताई थी।
स्थानीय नागरिकों ने BSP प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई शिकायतों के बावजूद न तो पुरानी पाइपलाइन बदली गई और न ही बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया गया। वार्ड-67 के लोगों ने खराब पाइपलाइन को तत्काल बदलने, शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था करने और नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने की मांग की है।

