रायपुर, 07 जून। World Environment Day के अवसर पर रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन, वीआईपी रोड में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में जशपुर वनमण्डल द्वारा तैयार वनोपज आधारित उत्पादों एवं पारंपरिक हस्तशिल्प सामग्री की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। स्थानीय संसाधनों से निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता और आकर्षक प्रस्तुति ने आगंतुकों का ध्यान खींचा तथा प्रदर्शनी को व्यापक सराहना मिली।
जशक्राफ्ट ब्रांड के हस्तशिल्प उत्पादों ने मोहा मन
जशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत छिंदघास और बाँस से तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों ने प्रदर्शनी में विशेष पहचान बनाई। झुमके, मालाएं, सजावटी सामग्री और अन्य कलात्मक वस्तुओं की उत्कृष्ट शिल्पकला एवं पर्यावरण अनुकूल स्वरूप ने लोगों को प्रभावित किया। बड़ी संख्या में आगंतुकों ने स्टॉल का अवलोकन कर महिला स्व-सहायता समूहों की सृजनात्मकता और कौशल की प्रशंसा की।
आरोग्य अमृत अवलेह बना स्वास्थ्य जागरूकता का केंद्र
महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित आयुर्वेदिक एवं वनोपज आधारित स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद “आरोग्य अमृत अवलेह” भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहा। आगंतुकों ने इसके औषधीय गुणों, निर्माण प्रक्रिया और स्वास्थ्य लाभों की जानकारी प्राप्त की तथा उत्पाद के प्रति विशेष रुचि दिखाई।
मुख्यमंत्री सहित गणमान्य अतिथियों ने की सराहना
प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री श्री रामसेवक पैंकरा, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उत्पादों की गुणवत्ता और महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की।
वनाधारित आजीविका को मिल रही नई मजबूती
जशपुर वनमण्डल की यह पहल वनाधारित आजीविका को सशक्त बनाने, स्थानीय संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने तथा महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इन उत्पादों के माध्यम से न केवल ग्रामीण एवं वनाश्रित परिवारों की आय बढ़ रही है, बल्कि स्थानीय कला, पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित हो रहा है।

