रायपुर, 07 जून । Dhamtari Development : छत्तीसगढ़ का कृषि प्रधान जिला धमतरी अब केवल धान उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक वेयरहाउसिंग और कृषि लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी अपनी नई पहचान बना रहा है। राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले में 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है। यह पहल कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेगी।
भंडारण संकट से समाधान की ओर बढ़ता जिला
पिछले वर्षों में रिकॉर्ड रबी उपार्जन के बाद जिले को भंडारण क्षमता की कमी जैसी चुनौती का सामना करना पड़ा था। पर्याप्त गोदाम उपलब्ध नहीं होने के कारण कृषि उपज को अन्य जिलों में भेजना पड़ता था। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने दीर्घकालिक रणनीति के तहत आधुनिक भंडारण अधोसंरचना विकसित करने का निर्णय लिया, जिसका सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगा है।
10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के नए पैक्स गोदाम
केंद्र सरकार की “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” के तहत जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों—अंवरी, कोसमर्रा, पोटियाडीह-आमदी और कोलियारी—का चयन किया गया है। इन समितियों में 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। इनके पूरा होने पर ग्रामीण स्तर पर ही 10 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
रिकॉर्ड चना खरीदी से बढ़ी कृषि समृद्धि
रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। इसके एवज में 60.54 करोड़ रुपये की राशि किसानों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया जारी है। चने के साथ-साथ सरसों और मसूर का भी सफल उपार्जन किया गया है, जिससे किसानों की आय और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
रेल कनेक्टिविटी और गोदामों से व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
धमतरी और कुरूद में राज्य भंडारण गृह निगम द्वारा 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के बड़े गोदाम विकसित किए जा रहे हैं। वहीं केंद्रीय भंडारण निगम की मौजूदा क्षमता के साथ जिले का भंडारण नेटवर्क और मजबूत होगा। इसके अलावा ब्रॉडगेज रेल लाइन पर प्रस्तावित रैक संचालन से कृषि उत्पादों और चावल की देशभर के बाजारों तक आसान और कम लागत में पहुंच सुनिश्चित होगी। इससे व्यापार, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
किसानों की आय और रोजगार सृजन को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत भंडारण व्यवस्था और रेल कनेक्टिविटी से किसानों को बेहतर विपणन अवसर मिलेंगे। परिवहन लागत कम होगी, कृषि उत्पादों का वैज्ञानिक प्रबंधन संभव होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह पहल धमतरी को प्रदेश के प्रमुख कृषि-व्यापार और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
विकास की नई पहचान गढ़ रहा धमतरी
वेयरहाउसिंग क्षमता विस्तार, रिकॉर्ड खरीदी और आधुनिक परिवहन सुविधाओं के साथ धमतरी विकास की नई कहानी लिख रहा है। आने वाले वर्षों में यह अधोसंरचना किसानों की आय बढ़ाने, व्यापार को गति देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। धमतरी का यह परिवर्तन छत्तीसगढ़ में कृषि आधारित विकास का प्रेरक मॉडल बनकर उभर रहा है।

