भुवनेश्वर, 07 जून। Assistant Executive Engineer Raid : ओडिशा विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंधमाल जिले के बालीगुडा स्थित ITDA में पदस्थ असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बैकुंठ नाथ बेहेरा के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बैंक लॉकरों से ₹2 करोड़ से अधिक नकदी, करोड़ों की बेनामी संपत्ति, बहुमंजिला इमारतें और भारी मात्रा में सोने के जेवर बरामद किए गए हैं। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक विशेष न्यायाधीश, विजिलेंस, भुवनेश्वर द्वारा जारी वारंट के आधार पर शुक्रवार को ओडिशा के विभिन्न जिलों में इंजीनियर और उसके परिवार से जुड़े कुल 9 ठिकानों पर एक साथ रेड की गई। इनमें भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार, शैलश्री विहार, कानन विहार और चंद्रशेखरपुर स्थित आलीशान मकान, जाजपुर जिले के धर्मशाला में पैतृक घर, बारीपदा में रिश्तेदारों के घर, बालीगुडा स्थित कार्यालय कक्ष और सरकारी आवास शामिल हैं।
₹80 हजार वेतन
विजिलेंस जांच में सामने आया कि बैकुंठ नाथ बेहेरा ने वर्ष 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी नौकरी शुरू की थी, तब उनका वेतन मात्र ₹6 हजार प्रतिमाह था। बाद में प्रमोशन पाकर फरवरी 2026 में वह असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बने, जहां वर्तमान में उनकी सैलरी करीब ₹80 हजार प्रतिमाह बताई जा रही है। इसके बावजूद जांच में करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्ति सामने आने से विजिलेंस विभाग भी हैरान है।
बैंक लॉकर खोलते ही उड़ गए अधिकारियों के होश
सबसे चौंकाने वाला खुलासा भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में हुआ। यहां इंजीनियर की पत्नी के नाम पर मौजूद दो बैंक लॉकरों से करीब ₹2 करोड़ नकद बरामद किए गए। इतनी बड़ी रकम देखकर अधिकारियों को नोट गिनने के लिए मशीन मंगानी पड़ी। विजिलेंस टीम लगातार कैश की गिनती और दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है।
आलीशान मकान और प्राइम लोकेशन में प्लॉट
जांच में इंजीनियर और उसके परिवार से जुड़े पांच बहुमंजिला मकानों का खुलासा हुआ है। इनमें भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार में लगभग 10,500 वर्गफुट में फैली चार मंजिला इमारत, शैलश्री विहार में तीन मंजिला मकान, कानन विहार और चंद्रशेखरपुर में दो-दो मंजिला भवन शामिल हैं। इसके अलावा विजिलेंस टीम ने कुल 14 कीमती प्लॉटों की पहचान की है। इनमें से सात प्लॉट भुवनेश्वर के प्राइम इलाकों में स्थित बताए जा रहे हैं, जबकि अन्य प्लॉट जाजपुर और बारीपदा में हैं।
सोना, बैंक डिपॉजिट और निवेश भी जांच के दायरे में
छापेमारी के दौरान 341 ग्राम सोने के गहने, ₹45 लाख से अधिक के बैंक डिपॉजिट, पोस्टल सेविंग्स और अन्य वित्तीय निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। विजिलेंस विभाग के तकनीकी अधिकारी संपत्तियों के बाजार मूल्य का आकलन कर रहे हैं।
रिश्वत लेते लाइनमैन भी गिरफ्तार
इसी बीच विजिलेंस विभाग ने एक अलग कार्रवाई में कटक जिले के नरसिंहपुर इलेक्ट्रिकल सेक्शन में तैनात TPCODL के लाइनमैन धर्म निरंजन चौधरी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि लाइनमैन ने किसान के खेत में क्षतिग्रस्त बिजली पोल बदलने के एवज में ₹15 हजार की रिश्वत मांगी थी।

