दुर्ग, 6जून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ICFAI विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलपति शिवदयाल पांडे के खिलाफ छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की जांच समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
परिषद ने राज्यपाल एवं कुलाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि जांच समिति ने कुलपति पर लगे आरोपों को प्रथम दृष्टया प्रमाणित माना है। इनमें मानसिक उत्पीड़न, लैंगिक भेदभाव और प्रशासनिक अधिकारों के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
जांच रिपोर्ट में गंभीर निष्कर्ष
ABVP के अनुसार आयोग द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में कुलपति के आचरण को अव्यावसायिक, अनुचित और पद की गरिमा के विपरीत बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं।
परिषद का कहना है कि विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षण संस्थान में सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर बैठे व्यक्ति से निष्पक्ष, मर्यादित और गरिमापूर्ण व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष संस्थान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं।
राज्यपाल से तत्काल कार्रवाई की मांग
ABVP ने राज्यपाल और कुलाध्यक्ष से मांग की है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कुलपति के खिलाफ तत्काल और निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा उन्हें पद से हटाया जाए। साथ ही विश्वविद्यालय में छात्राओं, महिला प्राध्यापकों और कर्मचारियों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने की भी मांग की गई है।
ABVP नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रदेश सहमंत्री प्रथम राव फूटाने ने कहा कि जब जांच समिति ने गंभीर आरोपों को प्रमाणित माना है तो तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।
जिला संयोजक रूपेश कुर्रे ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि नैतिक मूल्यों और अनुशासन का भी प्रतीक होता है।
वहीं कुम्हारी-पाटन भाग संयोजक डे साहब साहू ने कहा कि जांच प्रतिवेदन अत्यंत गंभीर है और संबंधित प्राधिकारियों को इसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
