रायपुर, 05 जून। Har Ghar Jal : विकासखंड भरतपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मोहनटोला में एक समय पेयजल की समस्या ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। बड़काटोला, बहेराटोला, छोटकापारा, महौरटोला और सुमनटोला सहित पांच बस्तियों वाले इस गांव के लोग वर्षों तक नदी, झरनों और हैंडपंपों पर निर्भर रहे। पानी लाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चों पर थी, जिसके कारण उनका काफी समय और श्रम खर्च होता था।
जल जीवन मिशन से हर घर पहुंचा नल का जल
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्राम मोहनटोला में एकल ग्राम जल प्रदाय योजना का सफल क्रियान्वयन किया गया। योजना के पूर्ण होने के बाद गांव के सभी 212 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। अब प्रत्येक घर तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल नियमित रूप से पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
महिलाओं और बच्चों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
गांव की निवासी श्रीमती बब्बी बाई बताती हैं कि पहले पानी लाने में घंटों का समय लग जाता था। कई बार सुबह का अधिकांश समय केवल पानी की व्यवस्था में ही बीत जाता था। अब घर में नल कनेक्शन मिलने से समय की बचत हो रही है और परिवार के सभी सदस्यों को स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो रहा है। महिलाओं को आजीविका गतिविधियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने का अवसर मिला है, वहीं बच्चों को पढ़ाई और खेलकूद के लिए अधिक समय मिल रहा है।
जल संरक्षण और गुणवत्ता निगरानी में ग्रामीणों की भागीदारी
जल जीवन मिशन के तहत केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक ही सीमित नहीं रहा गया, बल्कि जल संरक्षण और जल गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, मितानिन और स्थानीय महिलाएं फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी कर रही हैं। श्रीमती बब्बी बाई भी गांव में जल संरक्षण के प्रति लोगों को लगातार जागरूक कर रही हैं।
विकास और सुशासन का बन रहा उदाहरण
986 आबादी वाले मोहनटोला में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाया है। कभी प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहने वाला यह गांव अब ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को साकार होते हुए देख रहा है। मोहनटोला आज इस बात का जीवंत उदाहरण बन चुका है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण जीवन में वास्तविक और स्थायी बदलाव संभव है।

