अहमदाबाद, 5 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अहमदाबाद में प्रथम विश्व योगासन प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह आयोजन खेलों की वैश्विक विरासत में एक नया अध्याय जोड़ रहा है और योगासन को प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल अहमदाबाद जैसे ऐतिहासिक शहर में इस प्रतियोगिता का आयोजन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विभिन्न देशों से आए खिलाड़ियों का भारत में स्वागत करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ ही दिनों में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा और उससे पहले आयोजित यह विश्व योगासन प्रतियोगिता स्वास्थ्य एवं कल्याण का “दोगुना लाभ” साबित होगी। उन्होंने याद दिलाया कि लगभग एक दशक पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे 190 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भर में करोड़ों लोग योग, ध्यान और प्राणायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि योगासन की यह विश्व प्रतियोगिता योग के एक नए युग की शुरुआत है, जो इसे वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भविष्य में योगासन को ओलंपिक खेलों तथा अन्य बहु-खेल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी स्थान मिल सकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए और अहमदाबाद में आयोजित यह प्रथम विश्व योगासन प्रतियोगिता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि योगासन खेलों के विकास से रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और आयोजन प्रबंधकों के लिए भी नई संभावनाएं खुलेंगी।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की विषय-वस्तु “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योग स्वस्थ और सक्रिय जीवन का सरल एवं प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से नियमित योग अपनाने की अपील करते हुए कहा कि योग कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने का सबसे प्रभावी उपाय है।
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने “हर रोज योग, भगाए सारे रोग” का मंत्र देते हुए देशवासियों से योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

