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Youth Empowerment : बंदूक छोड़ थामा वॉलीबॉल… सुकमा के पुनर्वास केंद्र में गूंजा भारत माता की जय का नारा… मुख्यधारा में लौटे 113 युवाओं के जीवन में आया नया सवेरा

Youth Empowerment: Laying Down Guns to Pick Up Volleyball... Slogans of 'Bharat Mata Ki Jai' Resound at Sukma Rehabilitation Center... A New Dawn Breaks in the Lives of 113 Youths Who Have Returned to the Mainstream.

Youth Empowerment

रायपुर, 04 जून। Youth Empowerment : नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में बदलाव की एक नई कहानी लिखी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित पुनर्वास केंद्र में रह रहे 113 आत्मसमर्पित युवा—जिनमें 42 महिलाएं और 71 पुरुष शामिल हैं—अब मुख्यधारा के जीवन की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं। कभी हथियारों के साये में जीवन बिताने वाले ये युवा आज शिक्षा, खेल और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।

अनुशासित दिनचर्या और शिक्षा से नई शुरुआत

पुनर्वास केंद्र में युवाओं की दिनचर्या पूरी तरह अनुशासित और रचनात्मक बनाई गई है। सुबह बागवानी और स्वच्छता गतिविधियों से दिन की शुरुआत होती है। इसके बाद सामूहिक रूप से भोजन तैयार करने सहित विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी की जाती है।

युवाओं के शैक्षणिक विकास के लिए दो विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो उन्हें अक्षर ज्ञान, बुनियादी गणित और अंग्रेजी की शिक्षा दे रहे हैं। साथ ही आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज भी प्राथमिकता से बनाए जा रहे हैं।

कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर

युवाओं को समाज का सम्मानित और स्वावलंबी नागरिक बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।

खेल के मैदान में दिख रहा नया आत्मविश्वास

पुनर्वास केंद्र में खेल गतिविधियों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। युवाओं की रुचि को देखते हुए वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं की शुरुआत की गई, जिसमें युवक और युवतियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कभी हथियार संभालने वाले हाथ अब वॉलीबॉल खेलते दिखाई दे रहे हैं। ओयाम जोगा, वेको हुंगा और सोड़ी सोमड़ी जैसे युवा खेलों के माध्यम से आत्मविश्वास और नई पहचान हासिल कर रहे हैं।

5G स्मार्टफोन से डिजिटल दुनिया से जुड़ाव

युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने 5G स्मार्टफोन उपलब्ध कराए हैं। इसके माध्यम से वे देश-दुनिया की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और डिजिटल युग के साथ कदमताल कर रहे हैं।

शाम के समय संगीत कक्ष में सामूहिक गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए मनोरंजन और सकारात्मक वातावरण भी तैयार किया जा रहा है।

पुनर्वास का प्रेरक मॉडल

सुकमा का यह पुनर्वास केंद्र संवेदनशील प्रशासन और सकारात्मक हस्तक्षेप का सफल उदाहरण बनकर उभरा है। यह मॉडल दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन, शिक्षा, कौशल विकास और अवसर मिलने पर भटके हुए युवा भी समाज की मुख्यधारा में लौटकर विकास की नई कहानी लिख सकते हैं।

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