रायपुर, 04 जून। Rural Tourism : सूरजपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहाड़गांव स्थित पिलखा डैम आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बनकर उभरा है। यहां मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बोटिंग गतिविधि शुरू कर न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं, बल्कि ग्रामीण महिला उद्यमिता का एक सफल मॉडल भी प्रस्तुत किया है।
सामूहिक प्रयास से मिला स्वरोजगार का अवसर
समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सिंह और सचिव श्रीमती यशोदा दास के नेतृत्व में 10 सदस्यीय महिलाओं ने स्थानीय पर्यटन को आजीविका का माध्यम बनाया। पिलखा जलाशय में आने वाले पर्यटकों के लिए बोटिंग सुविधा शुरू की गई, जिसकी टिकट दर 50 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित की गई है। इस पहल ने महिलाओं के लिए आय का नया स्रोत तैयार किया है।
चुनौतियों को अवसर में बदला
शुरुआत में संसाधनों की कमी, तकनीकी जानकारी का अभाव और संचालन संबंधी कई चुनौतियां सामने थीं। लेकिन समूह की महिलाओं ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने बोटिंग संचालन, पर्यटकों की सुरक्षा और पूरे परिसर के प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं संभालते हुए इस पहल को सफल बनाया।
74 हजार रुपये की आय से बढ़ी आर्थिक मजबूती
इस अभिनव पहल के माध्यम से मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह अब तक 74 हजार रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर चुका है। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब वे परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
महिला उद्यमिता का प्रेरक मॉडल
मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की सफलता यह दर्शाती है कि सही अवसर, सामूहिक प्रयास और दृढ़ संकल्प के बल पर ग्रामीण महिलाएं किसी भी क्षेत्र में नई पहचान बना सकती हैं। पिलखा जलाशय में संचालित बोटिंग गतिविधि आज महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण पर्यटन विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है।
स्थानीय पर्यटन को मिली नई पहचान
इस पहल से न केवल महिलाओं को रोजगार मिला है, बल्कि पिलखा जलाशय का पर्यटन महत्व भी बढ़ा है। यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य के साथ सुरक्षित और व्यवस्थित बोटिंग का आनंद ले रहे हैं, जिससे क्षेत्र की पहचान और लोकप्रियता में भी वृद्धि हो रही है।

