मुजफ्फरपुर, 4जून। Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में तड़के सुबह करीब साढ़े चार बजे आईसीयू में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग और धुएं के कारण कई मरीजों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीजों को गंभीर हालत में दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
घटना की जानकारी सबसे पहले स्थानीय युवक मिथुन मिश्रा ने फोन पर दी। सूचना मिलते ही टीम सुबह 4 बजकर 40 मिनट पर घटनास्थल पहुंच गई। अस्पताल के बाहर का दृश्य बेहद भयावह था। आधा दर्जन से अधिक दमकल वाहन मौके पर मौजूद थे और मरीजों के परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज रहा था।
अस्पताल के बाहर गली में स्ट्रेचर पर दो मरीजों के शव रखे हुए थे, जिन्हें अग्निशमन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला था। अस्पताल के अंदर आईसीयू के नीचे भी दो मरीजों के शव फर्श पर पड़े मिले। उनके मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगे हुए थे, लेकिन शरीर बुरी तरह झुलस चुका था। परिजन शवों के पास बिलखते नजर आए।
अस्पताल के भीतर अग्निशमन विभाग की टीम लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी रही। घटना की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी सुब्रत सेन ने बताया कि अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर राहत कार्य चला रही है और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं।
कुछ ही देर बाद जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान की कमान संभाली। उन्होंने सिविल सर्जन के नेतृत्व में मेडिकल टीम गठित कर आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराए गए मरीजों की स्थिति की जानकारी लेने तथा उनके समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अस्पताल के बाहर अपने परिजनों की तलाश में भटक रहे लोगों का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। आईसीयू में भर्ती बृजनंद राय के परिजन संजीव राय ने आरोप लगाया कि उनके पिता का कोई पता नहीं चल रहा है। बाद में उनका शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शवों में पाया गया।
अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पांडेय अपनी टीम के साथ सबसे पहले मौके पर पहुंचे और आईसीयू में लगी आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों ने कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया।
प्रशासन के अनुसार आईसीयू में भर्ती अन्य मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर पटना एम्स और आईजीआईएमएस रेफर करने की तैयारी की गई है।
राज्य सरकार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। साथ ही सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कराई जा रही है।

