दुर्ग, 3जून। Chamba Road Accident: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दुर्ग जिले के कुथरेल गांव निवासी आईटी इंजीनियर अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची चंद्राकर और दोनों मासूम बेटों का मंगलवार को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। हादसे के पांच दिन बाद जब चारों के शव गांव पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और माहौल गमगीन हो गया।
मंगलवार को रायपुर एयरपोर्ट से एंबुलेंस के माध्यम से चारों के शव कुथरेल गांव लाए गए। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित पहुंचे। इसके बाद परिवार के चारों सदस्यों की अंतिम यात्रा निकाली गई और एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने पहली बार एक ही परिवार की चार अर्थियां एक साथ उठते देखीं, जिससे हर किसी की आंखें नम हो गईं।
जानकारी के अनुसार, अरविंद चंद्राकर अपने परिवार के साथ बच्चों की ताइक्वांडो प्रतियोगिता के बाद हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे। 29 मई की रात चंबा के साच पास क्षेत्र के पास उनकी टैक्सी अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका।
इस दुर्घटना में दूसरे परिवार के चार सदस्यों समेत कुल आठ लोगों की मौत हुई थी। दुर्घटनास्थल दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में होने और खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर खाई से शवों को बाहर निकाला। कुथरेल गांव में एक साथ चार पार्थिव देह पहुंचने और उनकी अंतिम विदाई के दौरान हर चेहरा गम से भरा नजर आया।

