बस्तर में दो अलग-अलग घटनाओं से बढ़ा धर्म…परंपरा और सामाजिक तनाव का विवाद

बस्तर में दो अलग-अलग घटनाओं से बढ़ा धर्म…परंपरा और सामाजिक तनाव का विवाद

बस्तर, 2जून| छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में हाल ही में दो अलग-अलग घटनाओं ने एक बार फिर धर्म, परंपरा और सामाजिक तनाव को लेकर बहस तेज कर दी है। इन घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन दोनों ही मामलों की जांच में जुटे हैं।

सुकमा के तोंगपाल क्षेत्र में प्रार्थना सभा के दौरान विवाद

सुकमा जिला के तोंगपाल थाना क्षेत्र अंतर्गत साडरापाल गांव में रविवार को एक प्रार्थना सभा के दौरान बड़ा विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभा के दौरान अचानक तनाव बढ़ा और मामला मारपीट व हिंसक झड़प तक पहुंच गया।

ईसाई समुदाय का आरोप है कि प्रार्थना सभा के दौरान कुछ लोगों ने हमला किया, जबकि स्थानीय स्तर पर इस विवाद को कथित धर्मांतरण और पुराने आपसी मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है। घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला जमीन और आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। तोंगपाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। गांव में स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

नारायणपुर में अंतिम संस्कार को लेकर तनाव

इसी दौरान नारायणपुर जिला के बेनूर क्षेत्र में भी धर्म और परंपरा को लेकर विवाद सामने आया। यहां एक बुजुर्ग महिला के निधन के बाद दफनाने को लेकर ग्रामीणों और परिवार के बीच विरोध की स्थिति बन गई।

ग्रामीणों का कहना था कि परिवार ने वर्षों पहले पारंपरिक धर्म छोड़ दिया था, इसलिए उन्हें गांव के दफन स्थल में अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और समझाइश के बाद मामला शांत कराया गया। बाद में शव को अंतिम संस्कार के लिए नारायणपुर भेज दिया गया।

प्रशासन की निगरानी में दोनों मामले

दोनों घटनाओं ने बस्तर क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक तनाव की संवेदनशीलता को एक बार फिर सामने ला दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि दोनों मामलों की जांच जारी है और वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

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