Site icon AB News.Press

Mor Gaon Mor Pani : नवा तरिया से संवर रहा मेण्ड्रा का भविष्य… जल संरक्षण के साथ मिल रहा रोजगार… मोर गांव मोर पानी अभियान से ग्रामीणों को मिला आजीविका का नया सहारा

Mor Gaon Mor Pani: Mendra's Future Brightens Through a New Pond... Employment Opportunities Emerge Alongside Water Conservation... The 'Mor Gaon Mor Pani' Campaign Provides Villagers with a New Source of Livelihood.

Mor Gaon Mor Pani

रायपुर, 02 जून। Mor Gaon Mor Pani : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शुरू किए गए ‘मोर गांव मोर पानी’ महाभियान के तहत कोरिया जिले के ग्राम पंचायत मेण्ड्रा में जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नवा तरिया (तालाब) निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। यह परियोजना जल संचयन के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय का नया माध्यम बन रही है।

15 जून तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत वनांचल क्षेत्र के मेण्ड्रा गांव में मनरेगा के तहत स्वीकृत नवा तरिया निर्माण कार्य कलेक्टर रोक्तिमा यादव के निर्देशन में किया जा रहा है। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ग्रामसभा की सहमति से चुना गया प्रोजेक्ट

ग्रामीणों के अनुसार तालाब निर्माण का निर्णय ग्रामसभा की सहमति से लिया गया। भूमिपूजन के बाद से ही गांव के पंजीकृत श्रमिक लगातार कार्य में जुटे हुए हैं ताकि बारिश से पहले निर्माण पूरा किया जा सके। इससे पात्र श्रमिक परिवारों को मांग के अनुरूप रोजगार भी मिल रहा है।

19.48 लाख की लागत, हजारों मानव दिवस का सृजन

मनरेगा के तहत इस परियोजना के लिए 19.48 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिसमें 17.28 लाख रुपये श्रम मद पर खर्च किए जाएंगे। लगभग 60 मीटर लंबाई और 50 मीटर चौड़ाई वाले इस तालाब में 6600 घनमीटर से अधिक जल भंडारण क्षमता विकसित होगी।

परियोजना के तहत प्रस्तावित 6,624 मानव दिवसों में से अब तक 2,000 से अधिक मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 140 श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है।

किसानों को सिंचाई सुविधा, बढ़ेगी बहुफसली खेती

नव निर्मित तालाब का सीधा लाभ आसपास के 25 परिवारों को मिलेगा। इसके जरिए लगभग 5 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को बहुफसली खेती अपनाने में मदद मिलेगी और कृषि उत्पादन बढ़ेगा।

महिला समूह संभालेगा संचालन, मछली पालन से बढ़ेगी आय

कार्यक्रम अधिकारी प्रतीक ने बताया कि तालाब निर्माण पूरा होने के बाद इसका संचालन स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को सौंपा जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे।

तालाब में प्रतिवर्ष 13 से 15 क्विंटल मछली उत्पादन की संभावना है, जिससे ग्रामीणों की आय में अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी।

जल संरक्षण और ग्रामीण समृद्धि का मॉडल बन रहा मेण्ड्रा

‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत मेण्ड्रा में बन रहा नवा तरिया जल संरक्षण, रोजगार सृजन, सिंचाई विस्तार और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रहा है।

Exit mobile version