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Factory Safety : रायगढ़ में फैक्ट्रियों पर बड़ी कार्रवाई…! सुरक्षा नियम तोड़ने पर 5 उद्योगों पर लाखों का जुर्माना…श्रमिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी

Factory Safety: Major Crackdown on Factories in Raigarh! Fines Worth Lakhs Imposed on 5 Industrial Units for Violating Safety Norms—Compromising Workers' Safety Proves Costly.

Factory Safety

रायगढ़, 02 जून। Factory Safety : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में श्रमिकों की सुरक्षा से समझौता करने वाले उद्योगों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा मानकों और कारखाना अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने पर श्रम न्यायालय ने जिले की पांच औद्योगिक इकाइयों पर लाखों रुपए का अर्थदंड लगाया है।

यह कार्रवाई औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। अधिकारियों के अनुसार कई फैक्ट्रियों में सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी सामने आई थी, जिसके बाद संबंधित कंपनियों के अधिभोगियों और कारखाना प्रबंधकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए थे।

मां मंगला इस्पात पर 1 लाख का जुर्माना

नटवरपुर स्थित मेसर्स मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के अधिभोगी हर्षवर्धन गर्ग पर कारखाना अधिनियम के उल्लंघन का मामला सिद्ध होने पर श्रम न्यायालय ने 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

गुरुश्री इंडस्ट्रीज भी कार्रवाई की जद में

देलारी स्थित मेसर्स गुरुश्री इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक मुकेश बंसल पर भी नियम उल्लंघन का मामला साबित हुआ। न्यायालय ने उन पर 1 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया।

नवदुर्गा फ्यूल पर भी लगा जुर्माना

सराईपाली स्थित मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड के अधिभोगी एवं प्रबंधक प्रकाश बेहरा को कारखाना नियमों की अनदेखी के मामले में 25 हजार रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया।

सिंघल स्टील एंड पावर पर सबसे बड़ी कार्रवाई

तराईमाल स्थित मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड के अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्रा पर अलग-अलग मामलों में 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस तरह कंपनी पर कुल 2 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया गया है।

सावित्री राइस मिल भी दोषी करार

सहदेवपाली स्थित मेसर्स सावित्री राइस मिल के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक सूर्यकांत अग्रवाल पर भी कारखाना अधिनियम उल्लंघन के मामले में 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।

प्रशासन का सख्त संदेश

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने साफ कहा है कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी नियमों की अनदेखी करने वाले उद्योगों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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