रायपुर, 02 जून। Crime Control Action : राजधानी रायपुर से लगे ग्रामीण क्षेत्र के कुख्यात और आदतन अपराधी आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने उसे जिला बदर करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत की गई है।
जारी आदेश के अनुसार, गोबरानवापारा क्षेत्र के निवासी आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर को आदेश जारी होने की तिथि से सात दिनों के भीतर रायपुर जिले सहित आसपास के छह जिलों की सीमाओं से बाहर जाने के निर्देश दिए गए हैं। उसे रायपुर, दुर्ग, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को आगामी 25 नवंबर 2026 तक इन जिलों की सीमाओं में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी कारणवश उसे इन क्षेत्रों में प्रवेश करना हो तो इसके लिए सक्षम न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
49 गंभीर आपराधिक मामलों का आरोपी
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार आशुतोष उर्फ छोटू भाण्डूलकर के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 49 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट, सदोष अवरोध, एनडीपीएस एक्ट, जुआ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम सहित कई गंभीर अपराध शामिल हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत भी कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
पुलिस द्वारा जिला प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि आरोपी लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है और उसके विरुद्ध पूर्व में की गई कार्रवाई का अपेक्षित प्रभाव नहीं पड़ा। उसकी गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बनने की आशंका बनी हुई थी।
आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों और उसके आपराधिक इतिहास का मूल्यांकन करने के बाद यह पाया गया कि उसकी उपस्थिति से सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। आम नागरिकों में भय का वातावरण निर्मित होने तथा अपराधों की पुनरावृत्ति की संभावना को देखते हुए जिला बदर की कार्रवाई आवश्यक समझी गई।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और आम नागरिकों को सुरक्षित तथा भयमुक्त वातावरण उपलब्ध होगा। पुलिस और जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में सक्रिय अन्य आदतन अपराधियों के खिलाफ भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे जारी रहेगी।
