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ED Action : छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ा खुलासा…! गोवा का लग्जरी होटल भी ED ने किया जब्त…1200 करोड़ की संपत्ति अटैच

ED Action: Major Revelation in Chhattisgarh Liquor Scam...! ED Seizes Luxury Hotel in Goa... Assets Worth ₹1,200 Crore Attached.

ED Action

रायपुर, 02 जून। ED Action : छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1200 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई में कारोबारी अनवर ढेबर की चर्चित ‘ढेबर सिटी’ और गोवा का लग्जरी ‘वेस्टइन गोवा होटल’ भी शामिल है। ED रायपुर जोनल कार्यालय ने 28 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत तीन अलग-अलग अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए। एजेंसी के मुताबिक अटैच की गई संपत्तियों की डीड वैल्यू करीब 200 करोड़ रुपए है, जबकि इनका बाजार मूल्य 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा बताया जा रहा है।

2883 करोड़ के शराब सिंडिकेट का दावा

ED ने दावा किया है कि 2019 से 2023 के बीच एक संगठित शराब सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था में हेरफेर कर करीब 2883 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। जांच एजेंसी के अनुसार इस सिंडिकेट का संचालन कारोबारी अनवर ढेबर और रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टुटेजा के नेतृत्व में किया जा रहा था। जांच EOW और ACB रायपुर की FIR के आधार पर आगे बढ़ाई गई।

‘वेस्टइन गोवा होटल’ शराब घोटाले के पैसों से खरीदा गया?

ED के मुताबिक उत्तर गोवा के अंजुना स्थित प्रीमियम ‘वेस्टइन गोवा होटल’ को करीब 110 करोड़ रुपए की बेहिसाबी नकदी से खरीदा गया था। यह होटल पैसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है। जांच एजेंसी ने दावा किया कि कैश ट्रांसपोर्ट का काम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के निर्देश पर किया गया था।

रायपुर की जमीनें और बेनामी संपत्तियां भी कुर्क

पहले कुर्की आदेश के तहत विकास अग्रवाल और अनवर ढेबर से जुड़ी अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। ED का आरोप है कि विकास अग्रवाल सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क को संभालता था और डिस्टिलरियों से कमीशन वसूली कर रकम सिंडिकेट तक पहुंचाता था। इस कार्रवाई में रायपुर स्थित ‘ढेबर सिटी होम्स’ की जमीनों के साथ कई शेल कंपनियों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां भी शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 30 करोड़ रुपए बताई गई है।

3 कंपनियों के खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड जब्त

तीसरे कुर्की आदेश के तहत ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड अटैच किए गए हैं। ED का आरोप है कि इन कंपनियों को अपने मुनाफे का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा सिंडिकेट को देने के लिए मजबूर किया जाता था, जिससे करीब 51 करोड़ रुपए की अवैध कमाई हुई।

4 नए आरोपी जुड़े, अब तक 85 आरोपी

ED ने रायपुर की विशेष PMLA अदालत में छठी पूरक अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है। इसमें विजय भाटिया, टी. भुनेश्वर राव, प्रबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक प्रबीर शर्मा करोड़ों रुपए कैश ट्रांसपोर्ट करता था, जबकि विजय भाटिया का ओम साई बेवरेजेस में बेनामी हिस्सेदारी से संबंध सामने आया है। अब तक इस शराब घोटाले मामले में कुल 85 आरोपी नामजद किए जा चुके हैं। ED ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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