रायपुर, 01 जून। Health Care Excellence : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मुंगेली जिला छत्तीसगढ़ के अग्रणी स्वास्थ्य जिलों में शामिल हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की स्वास्थ्यांक ग्रेडिंग में जिले को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। यह उपलब्धि जिले की सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था, प्रभावी प्रबंधन और स्वास्थ्य कर्मियों की समर्पित कार्यशैली का परिणाम मानी जा रही है।
सतत मॉनिटरिंग से मिली सफलता
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए ‘मुख्यमंत्री अटल मॉनिटरिंग पोर्टल’ के माध्यम से स्वास्थ्य सूचकांकों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसका सकारात्मक प्रभाव मुंगेली जिले के प्रदर्शन में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिले की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन, संवेदनशील प्रशासन और टीम भावना से किए गए कार्यों का प्रतिफल है। वहीं कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने कहा कि आम नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय उपलब्धि
मुंगेली जिले ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन की दर 98 प्रतिशत रही, जबकि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 99.98 दर्ज किया गया। यूनिवर्सल टीकाकरण कार्यक्रम में जिले ने 103 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। विशेष अभियान चलाकर पलायन से लौटे परिवारों के बच्चों का भी टीकाकरण सुनिश्चित किया गया।
चिरायु दल की सक्रियता से बच्चों को मिला लाभ
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिरायु दल ने जिले के 99.6 प्रतिशत स्कूलों का भ्रमण कर लगभग सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ ही चिन्हित 99.9 प्रतिशत बीमार बच्चों का उपचार सुनिश्चित कर बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टीबी उन्मूलन और मानसिक स्वास्थ्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों के पंजीकरण में जिले ने 91.7 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया। टीबी मरीजों की उपचार सफलता दर 97 प्रतिशत रही, जो प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। निक्षय पोषण योजना के माध्यम से मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मानसिक विकारों की स्क्रीनिंग में जिले ने 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। जिला अस्पताल में संचालित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र मरीजों को जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
गैर संचारी रोग नियंत्रण में प्रदेश में अव्वल
30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की मधुमेह और उच्च रक्तचाप जांच में मुंगेली जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। मधुमेह जांच में 97 प्रतिशत और उच्च रक्तचाप जांच में 99 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। चिन्हित मरीजों को नियमित उपचार और फॉलोअप की सुविधा भी दी जा रही है।
आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी निर्माण में भी उपलब्धि
जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूर्ण रूप से संचालित हैं। जिले में 95.50 प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लगभग सभी वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना कार्ड तैयार किए गए हैं। लगभग 92 प्रतिशत लोगों की आभा आईडी भी बनाई जा चुकी है।
टेली कंसल्टेशन के माध्यम से मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराने में जिले ने 78 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। विशेष आयुष्मान महाअभियान के दौरान केवल तीन दिनों में 66 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाकर जिले ने प्रदेश में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की थी।
मुंगेली जिला चिकित्सालय अब आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र बनकर उभरा है। यहां घुटना प्रत्यारोपण, निःशुल्क डायलिसिस, कम लागत पर सीटी स्कैन, आधुनिक आईसीयू, नवजात शिशु देखभाल इकाई और अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिला चिकित्सालय में 4 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से स्थापित 32 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन के माध्यम से मरीजों को जिले में ही त्वरित और सस्ती जांच सुविधा मिल रही है। वहीं डायलिसिस सेवाओं में लक्ष्य से 147 प्रतिशत अधिक सत्र संचालित कर मुंगेली ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वर्तमान में जिले के 52 किडनी मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदान की जा रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और जनकेंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के कारण मुंगेली आज प्रदेश के लिए एक मॉडल जिला बनकर उभरा है। जिले की यह उपलब्धि स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रशासन और मजबूत कार्यसंस्कृति का उदाहरण मानी जा रही है।

