रायपुर, 31 मई । Smart Registration : छत्तीसगढ़ में सुशासन और नागरिक सुविधाओं को केंद्र में रखकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी बदलाव किए गए हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य पंजीयन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी, तकनीक आधारित और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।
घंटों का काम अब मिनटों में
कभी लंबी कतारों, दस्तावेजों के सत्यापन में देरी और कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने वाली पंजीयन प्रक्रिया अब पूरी तरह बदल चुकी है। पहले जहां एक सामान्य रजिस्ट्री पूरी करने में चार से छह घंटे या कई बार एक से दो दिन तक का समय लग जाता था, वहीं अब आधुनिक डिजिटल व्यवस्था की मदद से यही प्रक्रिया महज 15 से 20 मिनट में पूरी हो रही है। इससे नागरिकों के समय, धन और श्रम की बड़ी बचत हो रही है।
सभी पंजीयन कार्यालय होंगे स्मार्ट
राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट और आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पहले चरण में नवा रायपुर, रायपुर, रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर, कुनकुरी, अभनपुर और तिल्दा सहित 10 प्रमुख कार्यालयों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
नागरिकों को मिल रही अत्याधुनिक सुविधाएं
नए स्वरूप में विकसित किए जा रहे पंजीयन कार्यालयों में वेटिंग लाउंज, वातानुकूलित कक्ष, स्वच्छ परिसर, निःशुल्क वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, शुद्ध पेयजल, आधुनिक शौचालय, हेल्प डेस्क और प्री-प्रेजेंटेशन काउंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे पंजीयन कार्यालय अब आधुनिक सेवा केंद्रों की तरह दिखाई देने लगे हैं।
लाभार्थियों ने जताया संतोष
रायगढ़ के निवासी आशीष अग्रवाल ने नई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि पहले पंजीयन कार्यालयों में आने पर असुविधा महसूस होती थी, लेकिन अब वातावरण पूरी तरह बदल गया है। बेहतर बैठने की व्यवस्था, वातानुकूलित सुविधा और स्वच्छ परिसर के कारण नागरिकों को काफी राहत मिल रही है।
डिजिटल तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता
पंजीयन प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। टोकन प्रणाली लागू होने से भीड़ और अव्यवस्था कम हुई है, जबकि बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से अनावश्यक खर्च पर रोक लगी है। नागरिकों को अब व्हाट्सएप सूचना, कैशलेस भुगतान, खसरा नंबर के माध्यम से संपत्ति की ऑनलाइन जानकारी और डिजीलॉकर जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं।
पेपरलेस व्यवस्था की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
नई प्रणाली के तहत पंजीयन प्रक्रिया तेजी से पेपरलेस और पूर्णतः डिजिटल मॉडल की ओर बढ़ रही है। इससे शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूती मिली है। यह पहल प्रशासनिक सुधारों के साथ नागरिक सेवाओं को भी अधिक प्रभावी बना रही है।
देश के लिए बन रहा प्रेरक मॉडल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू स्मार्ट पंजीयन मॉडल “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की सोच को साकार करने का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है। छत्तीसगढ़ आज पारंपरिक और जटिल प्रक्रियाओं से आगे बढ़ते हुए आधुनिक डिजिटल प्रशासन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य का यह मॉडल न केवल सुशासन की नई पहचान बना है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित हो रहा है।

