रायपुर, 31 मई। बलरामपुर जिले में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित ‘मोर गांव मोरे पानी’ अभियान के तहत विकसित 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक एवं सोख्ता गड्ढा को सुशासन तिहार में प्रदर्शित किया गया। यह मॉडल जनप्रतिनिधियों, किसानों और आम नागरिकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।
मंत्री रामविचार नेताम ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि तथा आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने मॉडल का अवलोकन कर इसकी उपयोगिता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के ऐसे नवाचारों को व्यापक स्तर पर अपनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य की जल चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सके।
5 प्रतिशत मॉडल से बढ़ेगा भूजल स्तर
प्रदर्शनी में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक के माध्यम से वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया को समझाया गया। इस मॉडल के तहत खेत के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से में जल संग्रहण संरचना तैयार की जाती है, जहां वर्षा का अतिरिक्त पानी एकत्र होकर धीरे-धीरे भूमि में समाहित होता है। इससे भूजल स्तर बढ़ता है, खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है और सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध होता है।
सोख्ता गड्ढा बना जल संरक्षण का प्रभावी माध्यम
प्रदर्शनी में सोख्ता गड्ढे की उपयोगिता पर भी विशेष जानकारी दी गई। बताया गया कि घरों, शासकीय भवनों और सार्वजनिक स्थलों से निकलने वाले अतिरिक्त पानी को भूमि के भीतर पहुंचाकर यह संरचना भूजल पुनर्भरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे जलभराव की समस्या कम होती है और वर्षा जल का संरक्षण सुनिश्चित होता है।
जल संरक्षण वर्तमान और भविष्य दोनों की जरूरत
मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि जल संरक्षण केवल वर्तमान नहीं बल्कि भविष्य की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक और सोख्ता गड्ढा जैसे सरल एवं प्रभावी उपायों के माध्यम से वर्षा जल का अधिकतम उपयोग किया जा सकता है। इन संरचनाओं के व्यापक निर्माण से किसानों और ग्रामीण समुदाय को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
जिला प्रशासन चला रहा जागरूकता अभियान
जिला प्रशासन द्वारा जल संचयन और भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। सुशासन तिहार में इन मॉडलों की प्रस्तुति ने लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ गांव स्तर पर जल संरचनाओं के निर्माण के लिए प्रेरित किया है।
जनभागीदारी पर विशेष जोर
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा विभिन्न बैठकों और चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को 5 प्रतिशत मॉडल की जानकारी दी जा रही है।
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे 5 प्रतिशत मॉडल को जनआंदोलन का स्वरूप देने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। प्रशासन का मानना है कि जनसहभागिता से संचालित यह पहल जिले में सतत जल प्रबंधन और समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

