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SuShasan Tihar : रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा…! कहीं टेबल के नीचे नोट गिनता पटवारी…कहीं ACB की रेड में बाबू-क्लर्क गिरफ्तार…सुशासन तिहार के बीच 3 सरकारी कर्मचारी घूस लेते हुए स्पॉट

SuShasan Tihar: Major Expose on Bribery...! A Patwari caught counting cash under the table in one place... a clerk arrested during an ACB raid elsewhere... Amidst the 'SuShasan Tihar' (Good Governance Festival), three government employees spotted accepting bribes.

SuShasan Tihar

कोरबा/रायगढ़, 30 मई। SuShasan Tihar : प्रदेश में एक ओर सरकार ‘सुशासन तिहार’ के जरिए जनता को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का संदेश देने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर सरकारी दफ्तरों से रिश्वतखोरी की लगातार सामने आ रही घटनाएं पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही हैं। कोरबा और रायगढ़ में एक ही दिन तीन सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए। कहीं पटवारी टेबल के नीचे नोट गिनता कैमरे में कैद हुआ, तो कहीं ACB ने बाबू और क्लर्क को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सुशासन के दावों के बीच भ्रष्टाचार का यह खेल कब तक चलता रहेगा?

छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की परतें एक बार फिर खुलकर सामने आई हैं। कोरबा और रायगढ़ जिले से रिश्वतखोरी के तीन बड़े मामलों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं पटवारी टेबल के नीचे नोट गिनता कैमरे में कैद हुआ, तो कहीं ACB ने बाबू और क्लर्क को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।

टेबल के नीचे नोट गिनता दिखा पटवारी, वीडियो वायरल

कोरबा जिले के पसान क्षेत्र में पदस्थ पटवारी विनोद अग्रवाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पटवारी ऑफिस के अंदर टेबल के नीचे नोट गिनता नजर आ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वन पट्टा ऑनलाइन करने के लिए 5 हजार और फौती नामांतरण के लिए 10 हजार रुपए तक की अवैध वसूली की जाती थी। बिना पैसे कोई भी राजस्व संबंधी काम नहीं होता था।

किसानों ने लगाए गंभीर आरोप

स्थानीय किसानों का कहना है कि पटवारी जानबूझकर फाइलें लंबित रखते थे और लोगों को बार-बार कार्यालय बुलाकर परेशान करते थे। मजबूरी में गरीब और आदिवासी किसानों को रिश्वत देनी पड़ती थी।

मामला सामने आने के बाद पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने आरोपी पटवारी विनोद अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

रायगढ़ में क्लर्क 60 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

रायगढ़ जिले के छाल तहसील कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्लर्क तुलाराम पटेल को 60 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

आरोप है कि आरोपी ने बी-1 में त्रुटि सुधार के नाम पर ग्रामीण भानुप्रताप पटेल से 1 लाख रुपए की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने जाल बिछाया और रिश्वत लेते ही आरोपी को दबोच लिया। फिलहाल ACB मामले की जांच में जुटी हुई है।

‘सुशासन तिहार’ में ही बाबू मांगने लगा घूस

कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में आयोजित समाधान शिविर के दौरान सहायक ग्रेड-2 के बाबू प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।

रिटायर्ड शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी GPF पासबुक एंट्री कराने पहुंचे थे। आरोप है कि काम के एवज में बाबू ने 40 हजार रुपए की मांग की। परेशान होकर शिक्षक ने बिलासपुर ACB से शिकायत की।

डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया (SuShasan Tihar) और रिश्वत लेते ही आरोपी को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

एक ही दिन में सामने आए इन तीन मामलों ने सरकारी कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। खास बात यह है कि ‘सुशासन तिहार’ जैसे सरकारी कार्यक्रम में भी रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए हैं, जिससे आम जनता में भारी नाराजगी है।

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