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Nano DAP और यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने गांव-गांव चलेगा जन-जागरूकता अभियान

A mass awareness campaign will be conducted across villages to promote the use of Nano DAP and Urea.

Nano DAP

रायपुर, 30 मई। Nano DAP : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन किसानों के हित में राज्य स्तरीय नैनो डीएपी-यूरिया जन-जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग, उनके लाभों और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना है।

कम लागत में अधिक उत्पादन पर फोकस

राज्य सरकार वैज्ञानिक और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता वाली खेती को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत गांव-गांव तक आधुनिक कृषि तकनीकों और संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री खुद करेंगे खेतों का निरीक्षण

इस अभियान की खास बात यह है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के साथ खेतों का निरीक्षण करेंगे। वे फसलों की स्थिति का जायजा लेने के साथ किसानों से सीधे संवाद करेंगे और संतुलित उर्वरक उपयोग के अपने अनुभव भी साझा करेंगे।

किसान चौपाल में होगा सीधा संवाद

अभियान के तहत आयोजित किसान चौपाल को चार चरणों में संचालित किया जाएगा। शुरुआत खेतों के निरीक्षण से होगी, जहां कृषि वैज्ञानिक किसानों के साथ फसलों की स्थिति और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद चौपाल शैली में खुला संवाद सत्र आयोजित होगा, जिसमें किसान सीधे सवाल पूछ सकेंगे और वैज्ञानिक सरल भाषा में समाधान बताएंगे।

ड्रोन तकनीक बनेगी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ड्रोन दीदी संवाद और लाइव प्रदर्शन होगा। इसके माध्यम से नैनो डीएपी के छिड़काव का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। ड्रोन तकनीक से कम समय में बड़े क्षेत्र में छिड़काव कर समय, श्रम और लागत बचत को प्रदर्शित किया जाएगा।

आधुनिक खेती को जन-आंदोलन बनाने की तैयारी

कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील करेंगे और कृषि परिवर्तन को जन-आंदोलन बनाने का संदेश देंगे। कृषि विभाग के अनुसार यह अभियान पूरी तरह संवादात्मक, अनुभव आधारित और व्यावहारिक प्रदर्शन पर केंद्रित रहेगा।

शासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है। उर्वरकों की कमी को लेकर फैलाई जा रही खबरों को सरकार ने भ्रामक और निराधार बताया है। सरकार ने कहा है कि किसानों को डीएपी, यूरिया या नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और यह पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा। रायपुर जिले की समितियों में वर्तमान में यूरिया और डीएपी का पर्याप्त भंडारण मौजूद है। समितियों में 9102 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जबकि कुल 10732 मीट्रिक टन यूरिया भंडारित किया गया है। इसी प्रकार 3092 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है और कुल भंडारित मात्रा 3927 मीट्रिक टन है।

किसानों की सुविधा के लिए भूमि के आधार पर यूरिया वितरण की किश्तें निर्धारित की गई हैं। ढाई एकड़ तक भूमि वाले किसानों को यूरिया एकमुश्त दिया जाएगा। ढाई से पांच एकड़ तक वाले किसानों को दो किश्तों में और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।

कृषि विभाग के अनुसार नैनो डीएपी के उपयोग से संतुलित पोषण, बेहतर उत्पादन और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलेगा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 50 किलोग्राम डीएपी पर लगभग 1350 रुपये की लागत आती है, जबकि 25 किलोग्राम डीएपी और 500 मिली नैनो डीएपी के संयुक्त उपयोग से यह लागत घटकर लगभग 1275 रुपये रह जाती है।

सरकार द्वारा एनपीके 12:32:16, 20:20:0:13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता भी बढ़ाई जा रही है। इसके साथ सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर “खेती में बदलाव की नई शुरुआत” विषय आधारित जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

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