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Health Alert : ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन समेत पाँच दवाएं गंभीर रूप से अवमानक घोषित… राज्यभर में अलर्ट जारी

Health Alert: Five medicines, including Oxytocin injections, declared critically substandard—statewide alert issued.

Health Alert

रायपुर, 30 मई। Health Alert : भारत सरकार के औषधि महानियंत्रक कार्यालय को प्राप्त सूचना के आधार पर बाजार में उपलब्ध ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की एक खेप को गंभीर रूप से अवमानक घोषित किया गया है। संबंधित औषधि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन ५ आईयू प्रति मिलीलीटर (टोसीन) है, जिसका बैच क्रमांक आई-७८८१ बताया गया है। परीक्षण के बाद इसे गंभीर रूप से मानकहीन श्रेणी में रखा गया है।

चार अन्य दवाएं भी जांच में फेल

खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर द्वारा की गई जांच में चार अन्य दवाएं भी मिथ्याछाप और अमानक पाई गई हैं। इनमें पहली दवा नाक्पेन-पी टैबलेट है, जिसका बैच क्रमांक एमटी-२५०७७७ तथा समाप्ति तिथि अप्रैल २०२७ दर्ज है। यह दवा हरिद्वार स्थित एक औषधि निर्माता संस्था द्वारा निर्मित बताई जा रही थी।

दूसरी दवा फ्लामो स्टार-ऐ पी टैबलेट है, जिसका बैच क्रमांक एसएआई-२५०२९ और समाप्ति तिथि दिसंबर २०२६ है। तीसरी दवा एसीएचई पी टैबलेट है, जिसका बैच क्रमांक एलवी२५डीटी-०६६बी और समाप्ति तिथि मार्च २०२७ बताई गई है। चौथी दवा कोल्डज़िया टैबलेट्स है, जिसका बैच क्रमांक जीटी-२५२९४ए तथा समाप्ति तिथि जुलाई २०२८ है। जांच में ये सभी दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं।

जिला अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ ने राज्य के सभी जिला औषधि नियंत्रण अधिकारियों को तत्काल सतर्कता बरतने और विशेष निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने कहा है कि संबंधित बैच की दवाओं के भंडारण, वितरण और विक्रय पर कड़ी नजर रखी जाए तथा जहां भी इनका भंडार मिले, वहां नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए।

दवा विक्रेताओं और अस्पतालों से अपील

विभाग ने राज्य के सभी दवा विक्रेताओं, थोक वितरकों और अस्पतालों से अपील की है कि वे अपने स्टॉक की तत्काल जांच करें और संबंधित बैच की दवाओं की बिक्री एवं उपयोग तुरंत बंद करें। साथ ही इसकी सूचना संबंधित जिला औषधि नियंत्रण कार्यालय को उपलब्ध कराएं।

आम नागरिकों को भी दी गई चेतावनी

सामान्य नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे इन बैच क्रमांकों वाली दवाओं को खरीदने से बचें और किसी भी संदिग्ध दवा की जानकारी तत्काल स्थानीय औषधि नियंत्रण विभाग को दें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जताई चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि अमानक और मिथ्याछाप दवाएं मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। ऐसी दवाओं के सेवन से अपेक्षित उपचार नहीं मिल पाता और कई बार दुष्प्रभाव भी सामने आते हैं। इसी कारण प्रशासन ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

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