रायपुर, 30 मई । Agriculture News : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर राजनांदगाँव श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को खेती-किसानी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पारंपरिक खाद के साथ नैनो यूरिया और डीएपी पर जोर
इस वर्ष खरीफ सीजन में धान के साथ-साथ दलहन और तिलहन फसलों के लिए पारंपरिक उर्वरकों के साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया और डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। समितियों और निजी क्षेत्रों में खरीफ पूर्व तैयारी के तहत कुल 68690 मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पिछले वर्ष से 34 प्रतिशत अधिक खाद उपलब्ध
जिले में सहकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर कुल 41509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। इसमें 17153 मीट्रिक टन यूरिया, 4088 मीट्रिक टन डीएपी, 10129 मीट्रिक टन एनपीके, 3382 मीट्रिक टन एमओपी तथा 6757 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट शामिल है। यह उपलब्धता पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
हजारों किसानों को वितरित किया गया खाद
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को लगातार खाद वितरण किया जा रहा है। जिले के 14972 किसानों को अब तक खाद उपलब्ध कराया जा चुका है। किसानों को 7193 मीट्रिक टन यूरिया, 1807 मीट्रिक टन डीएपी, 4669 मीट्रिक टन एनपीके, 1322 मीट्रिक टन एमओपी और 2214 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट वितरित किया गया है।
समितियों में अभी भी पर्याप्त भंडारण
समितियों में वर्तमान में 4568 मीट्रिक टन यूरिया, 1032 मीट्रिक टन डीएपी, 3082 मीट्रिक टन एनपीके, 1364 मीट्रिक टन एमओपी तथा 1350 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक उपलब्ध हैं। प्रशासन द्वारा मांग के अनुरूप लगातार भंडारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
किसानों के लिए गुणवत्तायुक्त बीज की व्यवस्था
किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के लिए जिले में 13980 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य तय किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 6036 क्विंटल बीज बीज निगम में उपलब्ध कराया गया है। इनमें से 3201 क्विंटल बीज समितियों में भंडारित किया गया है तथा 1085 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
उर्वरकों की कालाबाजारी, तस्करी, जमाखोरी और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं।
निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं 7 विक्रय केंद्रों में भंडारित उर्वरक जब्त कर उन्हें सीलबंद किया गया है। इसके अलावा 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण लगातार जारी रहेगा और भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

