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Child Marriage Report : बाल विवाह पर बड़ा खुलासा…! रिपोर्ट में सामने आए डराने वाले आंकड़े…छत्तीसगढ़ में 2.9% लड़कियों की कम उम्र में हो रही शादी…दिल्ली बनी मिसाल

Child Marriage Report: Major Revelation Regarding Child Marriage! Alarming Statistics Emerge in Report... 2.9% of Girls in Chhattisgarh Are Being Married Off at a Young Age... Delhi Sets an Example.

Child Marriage Report

नई दिल्ली, 29 मई। Child Marriage Report : देशभर में बाल विवाह रोकने और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई राज्यों में आज भी कम उम्र में लड़कियों की शादी की जा रही है। ‘सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ (SRS) 2024 की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जहां दिल्ली में बाल विवाह का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ, वहीं पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में स्थिति अब भी चिंता बढ़ाने वाली बनी हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल और झारखंड देश में बाल विवाह के मामलों में सबसे आगे हैं। यहां बड़ी संख्या में लड़कियों की शादी 18 साल की कानूनी उम्र से पहले ही कर दी जा रही है।

पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा बाल विवाह

SRS रिपोर्ट 2024 के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 6.3% लड़कियों की शादी 18 साल से पहले हुई, झारखंड में यह आंकड़ा 4.9% दर्ज किया गया और छत्तीसगढ़ में भी 2.9% लड़कियों की शादी कम उम्र में हो रही है। यह आंकड़े सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर गंभीर चिंता पैदा कर रहे हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर हर चार में एक लड़की की शादी 21 साल से पहले हो रही है। 2.1% महिलाओं की शादी 18 साल से पहले हुई। 24.5% महिलाओं ने 18 से 20 साल की उम्र में शादी की। 73.5% महिलाएं 21 साल या उससे अधिक उम्र में शादी कर रही हैं। इसके बावजूद, भारत में हर चार में से एक महिला की शादी 21 साल की उम्र से पहले हो रही है।

ग्रामीण इलाकों में ज्यादा खराब स्थिति

ग्रामीण भारत में, 2.4% लड़कियों की शादी 18 साल से पहले हुई। जबकि शहरी इलाकों में यह आंकड़ा 1.1% रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में, पश्चिम बंगाल में 5.9% और झारखंड में 5.8% है। शहरी इलाकों में भी पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहा, जहां बाल विवाह का अनुपात 7.6% दर्ज किया गया।

दिल्ली में नहीं मिला एक भी मामला

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में बाल विवाह का कोई मामला सामने नहीं आया। केरल में यह दर सबसे कम 0.04% रही। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में भी आंकड़े बेहद कम रहे।

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