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Rudreshwar Dham : रुद्री में साकार होगा आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम… तीन चरणों में होगा कॉरिडोर का विकास

Rudreshwar Dham: A magnificent confluence of faith and modernity is set to take shape in Rudri... The corridor will be developed in three phases.

Rudreshwar Dham

रायपुर, 26 मई। Rudreshwar Dham  : धमतरी शहर से लगे रुद्री स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल होगा। लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित रुद्रेश्वर धाम कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से मंदिर परिसर का समग्र विकास किया जाएगा।

भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तीन चरणों में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। विशेष बात यह है कि पूरे विकास कार्य में मंदिर की मूल संरचना और उसकी आध्यात्मिक गरिमा को अक्षुण्ण रखा जाएगा।

पारंपरिक स्थापत्य और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय

मंदिर परिसर को बिना किसी बड़े विध्वंस के आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली के समन्वय से नया स्वरूप दिया जाएगा। प्रस्तावित डिजाइन में शिखर, त्रिशूल, ओम् प्रतीक, तोरण द्वार, अलंकृत स्तंभ, नंदी प्रतिमा, दीप स्तंभ और जाली कार्य जैसे पारंपरिक तत्व शामिल किए गए हैं। प्राकृतिक सैंडस्टोन क्लैडिंग और पत्थर आधारित फिनिश परिसर को भव्य और आकर्षक स्वरूप प्रदान करेंगे।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

परियोजना के तहत चौड़े पैदल मार्ग, सुव्यवस्थित प्रवेश एवं निकास द्वार, परिक्रमा पथ, घाट, मंडप और सार्वजनिक उपयोग क्षेत्रों का सुनियोजित विकास किया जाएगा। परिसर में डिजिटल सूचना स्क्रीन, प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह दुकानें, फूड कोर्ट, विश्राम क्षेत्र, शिशु आहार कक्ष, स्वच्छ शौचालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित होंगी।

एआई हेल्थ कियोस्क और दिव्यांग अनुकूल व्यवस्था

आधुनिक तकनीक के उपयोग के तहत एआई आधारित हेल्थ चेकअप कियोस्क भी स्थापित किए जाएंगे। वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प आधारित बाधारहित आवागमन व्यवस्था परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

घाट क्षेत्र का भी होगा विशेष विकास

घाट क्षेत्र में रेलिंग युक्त विसर्जन कुंड, सुरक्षित सीढ़ियां और श्रद्धालुओं के बैठने की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। साथ ही गार्डन, सांस्कृतिक मंडप, खुला मंच, रिवर फ्रंट कॉटेज और भविष्य में विकसित होने वाली मेरीन ड्राइव जैसी अवधारणाएं इसे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं पारिवारिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनाएंगी।

देश के प्रसिद्ध मंदिरों से प्रेरित डिजाइन

पूरे लेआउट को वास्तु सिद्धांतों, प्राकृतिक वेंटिलेशन और श्रद्धालुओं की क्रमिक आध्यात्मिक यात्रा की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। डिजाइन में Somnath Temple, Kashi Vishwanath Corridor और Jagannath Temple की स्थापत्य अवधारणाओं से प्रेरणा ली गई है।

परियोजना में सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग शेड, ईवी चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन, प्राकृतिक प्रकाश एवं वायु संचार आधारित डिजाइन, हरित क्षेत्र विकास और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं भी प्रस्तावित हैं। स्थानीय और टिकाऊ निर्माण सामग्री के उपयोग से पर्यावरणीय प्रभाव कम करने के साथ स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

कलेक्टर Abinash Mishra के अनुसार यह परियोजना केवल अधोसंरचना निर्माण नहीं, बल्कि धमतरी की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान देने वाला प्रयास है। आने वाले समय में रुद्रेश्वर धाम प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा।

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