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सैकड़ों चमगादड़ों की मौत…वन्यजीव संकट पर चिंता बढ़ी

The intense and unbearable heat in Chhattisgarh is no longer limited to humans; its serious impact is also being felt on wildlife. Meanwhile, a worrying incident has emerged from

hundreds of bats

कांकेर, 26मई| छत्तीसगढ़ में पड़ रही तेज अब सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका गंभीर असर वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। इसी बीच कांकेर जिले के सरौना गांव से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सैकड़ों चमगादड़ों की मौत ने ग्रामीणों और वन विभाग को भी सकते में डाल दिया है।

2–4 दिनों में 500 से ज्यादा मौतें

ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में 500 से अधिक चमगादड़ पेड़ों से गिरकर मर चुके हैं। कई चमगादड़ उड़ते-उड़ते अचानक नीचे गिर जाते हैं और कुछ ही समय में दम तोड़ देते हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

हीट स्ट्रोक हो सकता है कारण

प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, विशेषज्ञ इस घटना के पीछे नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी और संभावित हीट स्ट्रोक को मुख्य कारण मान रहे हैं। क्षेत्र में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे वन्यजीवों के लिए परिस्थितियां बेहद कठिन हो गई हैं।

इंसानों पर भी दिख रहा असर

तेज गर्मी का असर अब इंसानी जीवन पर भी साफ नजर आ रहा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और लू से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।

वन्यजीवों के लिए चेतावनी संकेत

कांकेर की यह घटना वन्यजीवों पर बढ़ते जलवायु संकट और अत्यधिक गर्मी के खतरनाक प्रभाव की ओर एक गंभीर संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते पानी और प्राकृतिक आवास की सुरक्षा न की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

 

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