Tribal Farmers : जशपुर के सेब से बदल रही किसानों की तकदीर… पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फल उत्पादन में बना नई पहचान का केंद्र

Tribal Farmers : जशपुर के सेब से बदल रही किसानों की तकदीर… पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फल उत्पादन में बना नई पहचान का केंद्र

रायपुर, 24 मई। Tribal Farmers : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल उत्पादन के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। कभी धान और पारंपरिक फसलों तक सीमित रहने वाला जशपुर आज सेब की खेती के कारण प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहा है।

आदिवासी किसानों की पहल बनी सफलता की मिसाल

जिला प्रशासन और रूरल डेवलपमेंट एंड डेवलपमेंट सोसायटी, नाबार्ड के संयुक्त प्रयासों से मनोरा और बगीचा विकासखंड में सेब की खेती सफलता की नई कहानी लिख रही है। वर्ष 2023 में आदिवासी किसानों द्वारा शुरू की गई यह पहल अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है। वर्तमान में जिले के लगभग 410 किसानों ने करीब 410 एकड़ भूमि पर सेब के पौधे लगाए हैं और इस वर्ष पौधों में बेहतर आकार एवं उत्कृष्ट गुणवत्ता के फल आने लगे हैं।

विशेष लेख : जशपुर के सेब से बदल रही किसानों की तकदीर

कश्मीर और हिमाचल के सेबों को दे रहे टक्कर

जशपुर के किसानों का कहना है कि यहां उत्पादित सेब स्वाद और गुणवत्ता में कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश के सेबों से किसी भी मायने में कम नहीं हैं। मनोरा और बगीचा विकासखंड का अनुकूल तापमान और जलवायु सेब की खेती के लिए बेहद उपयुक्त साबित हो रही है। शैला, छतौरी, करदना और आसपास के गांवों में बड़े पैमाने पर सेब की खेती की जा रही है। वहीं बगीचा विकासखंड के ग्राम छिछली में भी किसानों ने सेब उत्पादन से नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

किसानों की आय और आत्मनिर्भरता में बढ़ोतरी

फल उत्पादन को अपनाने से किसानों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय बदलाव आया है। किसान अब पारंपरिक खेती के साथ बागवानी आधारित खेती से अधिक आय अर्जित कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी विकसित हो रहे हैं।

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410 किसान सीधे जुड़े सेब उत्पादन से

रूरल डेवलपमेंट एंड डेवलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष Rajesh Gupta ने बताया कि जिले के लगभग 410 एकड़ क्षेत्र में सेब की खेती की जा रही है। अधिकांश किसान अपने एक-एक एकड़ खेत में सेब उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।

जशपुर बन रहा फल उत्पादन का नया केंद्र

जशपुर में सेब की सफल खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है, बल्कि जिले को फल उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान भी दिला रही है। यह पहल राज्य में कृषि विविधीकरण और ग्रामीण विकास का प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रही है।

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