रायपुर, 24 मई। Disaster Management : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में बढ़ती प्राकृतिक और स्थानीय आपदाओं से निपटने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। अब आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल राजस्व विभाग तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत अधिसूचना जारी कर 7 अलग-अलग विभागों को विशिष्ट आपदाओं के लिए नोडल विभाग घोषित किया है।
राजस्व विभाग के संयुक्त सचिव अरविंद कुमार एक्का द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब संबंधित विभाग अपने-अपने क्षेत्र की आपदाओं में पूर्व चेतावनी, मॉनिटरिंग, रोकथाम, राहत, बचाव और क्षमता निर्माण की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब प्रदेश में हर साल
आकाशीय बिजली, सर्पदंश, डूबने और आगजनी जैसी घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है। खासकर ग्रामीण और वनांचल इलाकों में समय पर राहत और रेस्क्यू नहीं मिलने से हालात गंभीर बन जाते हैं।
अब कौन सा विभाग किस आपदा का जिम्मेदार?
- राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग
बिजली गिरना, अतिवृष्टि, आंधी-तूफान और गड्ढों में डूबने से हादसे
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
सर्पदंश, बिच्छू, मधुमक्खी या गुहेरा काटने और लू से मौत
- नगर सेना, अग्निशमन एवं SDRF
नदी-तालाब में डूबना, नाव दुर्घटना और सिलेंडर/स्टोव ब्लास्ट
- वन विभाग
जंगलों में आग लगने की घटनाएं
- कृषि विभाग
खेत और बागवानी भूमि में आगजनी
- खनिज विभाग
खदान धंसने से होने वाले हादसे
- पशुधन विभाग
बिजली गिरने या सर्पदंश से पशुओं की मौत