रायपुर, 23 मई। NHAI : राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर के दौरान किसी भी आपात स्थिति में मदद पहुंचाने वाला डायल 1033 आज लाखों यात्रियों के लिए भरोसे का सबसे बड़ा सहारा बन चुका है। दुर्घटना, वाहन खराब होने, मेडिकल इमरजेंसी या सड़क पर किसी खतरे की स्थिति में यह हेल्पलाइन तुरंत राहत पहुंचाने का काम कर रही है।
‘गोल्डन ऑवर’ में पहुंचती है मदद
विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी Golden Hour सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान सही इलाज मिलने पर जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
डायल 1033 पर कॉल मिलते ही National Highways Authority of India की टीम जीपीएस के जरिए लोकेशन ट्रेस कर एम्बुलेंस, क्रेन और पेट्रोलिंग वाहन मौके पर भेजती है।
7 से 10 मिनट में पहुंची एम्बुलेंस
रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर हादसे का शिकार हुए एक यात्री ने बताया कि 1033 पर कॉल करने के कुछ ही मिनटों में एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे समय रहते इलाज मिल सका।
सिर्फ एक्सीडेंट नहीं, हर मुश्किल में मदद
डायल 1033 केवल सड़क हादसों तक सीमित नहीं है।
- गाड़ी खराब होने
- टायर पंचर
- टोल या फास्टैग समस्या
- सड़क पर मलबा या मवेशी
- मेडिकल इमरजेंसी
- असुरक्षा की स्थिति
जैसी हर परेशानी में यह सेवा यात्रियों को सहायता उपलब्ध कराती है।
यह हेल्पलाइन 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय रहती है। हिंदी, अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में सहायता उपलब्ध है और खास बात यह है कि मोबाइल बैलेंस न होने पर भी इस नंबर पर कॉल किया जा सकता है।
सफर से पहले सेव करें 1033
तेज रफ्तार और आधुनिक हाईवे के दौर में सुरक्षा सबसे जरूरी है। ऐसे में लंबी यात्रा पर निकलने से पहले अपने मोबाइल में डायल 1033 जरूर सेव कर लें।

