रायपुर, 22 मई। Tribal Development : बस्तर जिले के दूरस्थ गांवों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘जनजातीय गौरव उत्सव जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत कर दी गई है। यह अभियान भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” थीम के तहत संचालित किया जा रहा है।
377 गांवों में चलाया जा रहा विशेष अभियान
स्थित एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना से मिली जानकारी के अनुसार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जिले के 377 चयनित गांवों में यह अभियान सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है।
शिकायतों के त्वरित समाधान पर फोकस
अभियान का मुख्य उद्देश्य गांवों में सीधे पहुंचकर शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना, स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है।
गांव-गांव पहुंच रही प्रशासनिक टीमें
अभियान के तहत जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासनिक टीमें गांवों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का आकलन कर रही हैं और लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दे रही हैं।
जनसुनवाई और वृक्षारोपण अभियान भी शुरू
ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष जनसुनवाई शिविर लगाए जा रहे हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
आदि प्रसारण पोर्टल पर अपलोड हो रही रिपोर्ट
अभियान के दौरान होने वाली सभी गतिविधियों और शिकायत निवारण की जानकारी का दस्तावेजीकरण कर उसे आदि प्रसारण पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी समस्याएं दर्ज कराएं और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं।

