मध्यप्रदेश, 22मई| भोजशाला परिसर में आज इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के हालिया फैसले के बाद यह पहला शुक्रवार है जब विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर में मुस्लिम समुदाय को नमाज की अनुमति नहीं होगी और हिंदू समाज ‘अखंड पूजा’ एवं ‘महा आरती’ का आयोजन करेगा।
हाई कोर्ट ने 15 मई को अपने फैसले में भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को देवी वाग्देवी (सरस्वती) को समर्पित मंदिर माना था अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की उस व्यवस्था को भी निरस्त कर दिया जिसके तहत वर्षों से मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति दी जाती थी।
हिंदू समाज निकालेगा विशाल जुलूस
भोज उत्सव समिति ने इस दिन को हिंदू समाज के लिए गौरव और आस्था का प्रतीक बताया है समिति के अनुसार शुक्रवार दोपहर श्रद्धालु धान मंडी चौराहे पर एकत्र होंगे जहां से विशाल जुलूस के रूप में भोजशाला परिसर तक पहुंचकर सामूहिक पूजा और महाआरती की जाएगी।
समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा कि 721 वर्षों बाद पहली बार हिंदू समाज अपनी गरिमा और आत्मसम्मान के साथ यहां सामूहिक पूजा करेगा।
9-स्तरीय सुरक्षा, 1500 जवान तैनात
संभावित संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है सचिन शर्मा के अनुसार शहर और भोजशाला परिसर में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत
पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों और CCTV से की जा रही है
वाहनों की सघन जांच और लगातार मोबाइल गश्त जारी है
नौ अलग-अलग सुरक्षा परतों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है
राजीव रंजन मीना और पुलिस प्रशासन ने शांति समिति की बैठक कर दोनों समुदायों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हाई कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि अब तक हिंदू समुदाय को भोजशाला में केवल मंगलवार को पूजा की अनुमति थी, जबकि मुस्लिम समुदाय शुक्रवार को नमाज अदा करता था। दोनों समुदाय लंबे समय से इस ऐतिहासिक परिसर पर अपना दावा करते रहे हैं।

