रायपुर, 21 मई। Nawagarh : कोंडागांव जिले के नवागढ़ क्षेत्र में मिले प्राचीन पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने गंभीर पहल शुरू की है। पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री ने पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय को क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण और स्थल निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञ दल करेगा विस्तृत जांच
संस्कृति मंत्री ने कहा कि नवागढ़ क्षेत्र में 5वीं-6वीं शताब्दी से जुड़ी प्राचीन प्रतिमाओं और पुरातात्विक अवशेषों की जानकारी सामने आने के बाद इस स्थल का वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक हो गया है। विशेषज्ञ दल क्षेत्र में उपलब्ध प्रतिमाओं, स्थापत्य अवशेषों और शिल्प कलाकृतियों का सूक्ष्म अध्ययन कर विस्तृत दस्तावेजीकरण करेगा।
संरक्षण और सुरक्षा के लिए होगी पहल
सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्य शुरू किए जाएंगे। यदि स्थल का ऐतिहासिक महत्व प्रमाणित होता है, तो उसे संरक्षित पुरातात्विक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर जोर
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राचीन सभ्यताओं, स्थापत्य कला और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि रही है। राज्य सरकार इन ऐतिहासिक धरोहरों की पहचान, संरक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
पर्यटन और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार का उद्देश्य ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षण के साथ अध्ययन, शोध और सांस्कृतिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि प्रदेश की विरासत को नई पहचान मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकें।

