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झारखंड में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी: 27 नक्सलियों ने किया सरेंडर…भारी मात्रा में हथियार बरामद

Security forces have achieved a major success in the anti-Naxal campaign. On Thursday, a total of 27 militants surrendered at the police headquarters in Ranchi under

security forces in Jharkhand

झारखण्ड, 21मई| नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में ऑपरेशन ‘नवजीवन’ के तहत कुल 27 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इनमें 25 भाकपा (माओवादी) और 2 जेजेएमपी (JJMP) संगठन के सक्रिय सदस्य शामिल हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर एवं मारक दस्ता के सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। ये सभी कोल्हान और सारंडा के दुर्गम जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय थे।

सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने कुल 16 हथियार और 2857 गोलियां पुलिस के समक्ष जमा कीं। वहीं, गुमला जिले में सक्रिय जेजेएमपी संगठन के दो उग्रवादियों ने भी एक हथियार और 130 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया।

छह सबजोनल कमांडर समेत 25 माओवादियों ने किया सरेंडर

पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण करने वालों में छह सबजोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और 13 कैडर सदस्य शामिल हैं। कई उग्रवादियों पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।

मुख्य रूप से सरेंडर करने वालों में करण उर्फ डांगुर तियू (2 लाख इनामी), गादी मुंडा उर्फ गुलशन कबीर (5 लाख), नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा (5 लाख), रेखा मुंडा उर्फ जयंती (5 लाख), सुलेमान हांसदा उर्फ चंबरा (5 लाख) समेत कई अन्य सक्रिय नक्सली शामिल हैं।

इन उग्रवादियों ने इंसास एलएमजी, इंसास रायफल, एसएलआर रायफल, .303 राइफल, कंट्रीमेड पिस्टल और वॉकी-टॉकी जैसे हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया।

JJMP के दो उग्रवादियों ने भी छोड़ा हथियार

गुमला जिले में सक्रिय जेजेएमपी संगठन के दो उग्रवादियों ने भी पुलिस के समक्ष सरेंडर किया। इनमें सचिन बैक उर्फ युजीन बैक पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसने इंसास रायफल के साथ आत्मसमर्पण किया। वहीं श्रवण गोप ने भी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया

ऑपरेशन ‘नवजीवन’ का असर

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। ऑपरेशन ‘नवजीवन’ के तहत नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में उग्रवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

सुरक्षाबलों ने इसे नक्सल मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

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