छत्तीसगढ़ समेत देशभर में दवा दुकानों की हड़ताल…प्रशासन अलर्ट मोड पर

छत्तीसगढ़ समेत देशभर में दवा दुकानों की हड़ताल…प्रशासन अलर्ट मोड पर

छत्तीसगढ़, 19मई| ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में देशभर के विभिन्न केमिस्ट और दवा विक्रेता संगठनों ने 20 मई 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है इस हड़ताल का असर छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में देखने को मिल सकता है दवा व्यापारियों का कहना है कि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव से पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स का कारोबार प्रभावित हो रहा है साथ ही बिना उचित निगरानी और वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री से मरीजों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ रहा है।

हड़ताल को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार और खाद्य एवं औषधि प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए हैं। प्रशासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए दवाओं की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

अधिकारियों को जीवनरक्षक दवाइयों, इमरजेंसी स्वास्थ्य उत्पादों और आवश्यक चिकित्सकीय सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

इन स्थानों पर मिलेंगी जरूरी दवाइयां

प्रशासन के अनुसार, हड़ताल के दौरान प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों (PMBJAK) को सक्रिय रखा जाएगा, जहां कम कीमतों पर जरूरी जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा संचालित धन्वंतरी मेडिकल स्टोर्स भी खुले रहेंगे। शासकीय अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं और जीवनरक्षक दवाओं की व्यवस्था जारी रहेगी। निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और अधिकृत औषधि वितरण केंद्रों को भी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मरीजों से पहले से दवाइयां रखने की अपील

प्रशासन ने आम जनता और मरीजों से घबराने की जरूरत नहीं होने की अपील की है। मधुमेह, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, अस्थमा और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अपनी नियमित दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक पहले से रखने की सलाह दी गई है। साथ ही लोगों से अफवाहों से बचने और केवल अधिकृत केंद्रों से ही दवाइयां लेने की अपील की गई है।

ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर लंबे समय से विवाद

देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर केमिस्ट संगठनों और ई-फार्मेसी कंपनियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दवा विक्रेताओं का आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना डॉक्टर की वैध पर्ची के दवाइयां बेच रहे हैं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ सकता है। वहीं ई-फार्मेसी कंपनियों का कहना है कि डिजिटल माध्यम से लोगों को घर बैठे दवाइयों की सुविधा मिल रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की आशंका

यदि हड़ताल व्यापक स्तर पर सफल रही तो कई शहरों और कस्बों में दवाइयों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। हालांकि प्रशासन ने दावा किया है कि इमरजेंसी सेवाओं और गंभीर मरीजों के इलाज पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

सरकार ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य एवं औषधि प्रशासन को संयुक्त रूप से स्थिति संभालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का कहना है कि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से जारी रहेंगी।

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