Kanker Encounter : कांकेर मुठभेड़ पर बड़ा आदेश…! बस्तर एनकाउंटर की होगी मजिस्ट्रियल जांच…कलेक्टर ने जारी किया आदेश…15 दिन में मांगी पूरी रिपोर्ट

Kanker Encounter : कांकेर मुठभेड़ पर बड़ा आदेश…! बस्तर एनकाउंटर की होगी मजिस्ट्रियल जांच…कलेक्टर ने जारी किया आदेश…15 दिन में मांगी पूरी रिपोर्ट

कांकेर, 19 मई। Kanker Encounter : उत्तर बस्तर कांकेर के माचपल्ली जंगल में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ की दण्डाधिकारी जांच के आदेश जारी किए गए हैं। SDM पखांजूर को जांच अधिकारी नियुक्त कर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।

कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के माचपल्ली जंगल में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने मामले की दण्डाधिकारी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस जांच के लिए पखांजूरSDM मनीष देव साहू को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

13 अप्रैल 2026 को कोयलीबेड़ा विकासखंड के छोटेबेठिया थाना अंतर्गत ग्राम माचपल्ली के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान एक अज्ञात महिला माओवादी की मौत हो गई थी। पुलिस अधीक्षक की मांग पर घटना की निष्पक्षता और गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच कराने का फैसला लिया।

11 बिंदुओं पर होगी जांच

जांच अधिकारी को कई अहम बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं-

  • मुठभेड़ की पूरी पृष्ठभूमि
  • सर्चिंग अभियान के लिए जारी विभागीय आदेश
  • क्या घटना पूर्व नियोजित नक्सली हमला था?
  • महिला माओवादी की मौत कैसे हुई?
  • मारे गए नक्सलियों की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय राय
  • पुलिस बल या आम नागरिकों की क्षति
  • मौके से जब्त हथियार और सामग्री
  • ग्रामीणों के बयान और गवाही
  • थाना में दर्ज FIR और पुलिस विवेचना
  • अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य और सूचनाएं

ग्रामीणों के बयान भी होंगे अहम

जांच के दौरान आसपास के गांवों के लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश में जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर 15 दिवस के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

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