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Chhattisgarh की अमूल्य धरोहर ‘अवलोकितेश्वर’ प्रतिमा की होगी वापसी

Chhattisgarh's Priceless Heritage: The 'Avalokiteshvara' Idol Set to Return

Chhattisgarh

रायपुर, 19 मई। Chhattisgarh विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक से संग्रहालय में बनी भगवान अवलोकितेश्वर की दुर्लभ कांस्य प्रतिमा अब अमेरिका से भारत लाई जा रही है। करीब 19 करोड़ रुपये कीमत की यह ऐतिहासिक प्रतिमा जल्द ही फिर से प्रदेश के संग्रहालय में स्थापित की जाएगी।

संस्कृति मंत्री ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर प्रतिमा को छत्तीसगढ़ वापस भेजने का आग्रह किया है। प्रतिमा के भारत पहुंचने के बाद राज्य सरकार उसे रैम्प और भंडार बनाने की प्रक्रिया तेज करेगी।

सिरपुर की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ी हुई मूर्ति

यह दुर्लभ प्रतिमा वर्ष 1939 में महासमुंद जिले के ऐतिहासिक स्थल सिरपुर में स्थित लक्ष्मण मंदिर परिसर के पास मिली थी। बाद में इसे महंत स्कीलीडास स्मारक संग्रहालय में सुरक्षित रख दिया गया, जहां यह चोरी हो गई थी।

बौद्ध विरासत का जीवंत प्रतीक

इतिहासकारों के अनुसार प्रतिमा पर ‘ड्रोनग्रिडेट’ नाम अंकित है, जो प्राचीन श्रीपुर अर्थात वर्तमान सिरपुर का निवासी था। अवलोकितेश्वर की यह कांस्य प्रतिमा छत्तीसगढ़ की समृद्ध बौद्ध परंपरा, प्राचीन शिल्पकला और सांस्कृतिक पहचान की महत्वपूर्ण पिरामिड है।

सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की बड़ी उपलब्धि

राज्य सरकार ने कहा है कि प्रतिमा की वापसी सुरक्षित और संरक्षण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इस प्रतिमा की वापसी प्रदेश की खोई हुई सांस्कृतिक विरासत को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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