Amit Shah Bastar Visit : अमित शाह की अध्यक्षता में 4 राज्यों के CM की हाई लेवल बैठक…! इतिहास में पहली बार बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक…कई बड़े फैसलों के संकेत
Shubhra Nandi
Amit Shah Bastar Visit
रायपुर/जगदलपुर, 19 मई। Amit Shah Bastar Visit : जगदलपुर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित हुई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में चार राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। बैठक में नक्सलवाद, सुरक्षा, रेल नेटवर्क और विकास पर चर्चा हुई।
अमित शाह की अध्यक्षता में बस्तर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक शुरू हो गई है। जगदलपुर में आयोजित इस ऐतिहासिक बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं। लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे बस्तर में इस स्तर की बैठक को बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।
नक्सल मुक्त बस्तर से दिया बड़ा संदेश
31 मार्च 2026 को बस्तर को नक्सलवाद मुक्त घोषित किए जाने के बाद यह पहली बड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रशासनिक बैठक है। ऐसे में केंद्र सरकार इसे “नए बस्तर” की पहचान के तौर पर पेश कर रही है। अमित शाह ने बैठक में कहा कि बस्तर को पिछले 50 वर्षों में नक्सलवाद से भारी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अगले 4-5 वर्षों में करेंगी। उन्होंने कहा, जब तक बस्तर विकसित नहीं होगा, हमारा संकल्प अधूरा रहेगा।
बैठक में किन मुद्दों पर हो रही चर्चा?
1. नक्सल उन्मूलन और सुरक्षा रणनीति
नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संयुक्त ऑपरेशन को लेकर राज्यों के बीच समन्वय पर चर्चा हो रही है।
2. इंटेलिजेंस शेयरिंग और अपराध नियंत्रण
राज्यों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है।
3. सड़क, रेल और टेलीकॉम विस्तार
बस्तर समेत आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, रेलवे और डिजिटल कनेक्टिविटी को तेजी से बढ़ाने पर फोकस किया गया।
4. आदिवासी विकास मॉडल
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर मंथन हो रहा है।
5. डिजिटल गवर्नेंस और पुलिस मॉडर्नाइजेशन
पुलिसिंग को तकनीक आधारित बनाने और डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
बस्तर बना राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र
एक समय नक्सल हिंसा के लिए सुर्खियों में रहने वाला बस्तर अब विकास, सुरक्षा और प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। इस बैठक को आने वाले वर्षों में बस्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास के लिए निर्णायक माना जा रहा है।