जगदलपुर, 19मई| अमित शाह ने जगदलपुर में बड़ा दावा करते हुए कहा कि बस्तर अब पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की डेडलाइन तय की थी लेकिन सुरक्षा बलों ने उससे पहले ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया।
गृह मंत्री ने कहा कि अब बस्तर में बंदूक और डर का माहौल समाप्त हो गया है और लोग शांति व विकास के वातावरण में जीवन जी रहे हैं उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में सुरक्षा बलों ने लगातार अभियान चलाकर नक्सल नेटवर्क को कमजोर किया और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की।
अमित शाह ने इस दौरान कांग्रेस पर भी सीधा हमला बोला उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार ने नक्सल उन्मूलन अभियान में अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। शाह ने कहा कि 13 दिसंबर 2023 को भाजपा सरकार बनने के बाद अभियान में तेजी आई और निर्णायक कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बनाए गए लगभग 200 सुरक्षा कैंपों में से पहले चरण में 70 कैंपों को “वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा” में बदला जाएगा। इन केंद्रों के जरिए बस्तर में विकास, जनसेवा और स्थानीय लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विष्णु देव साय, विजय शर्मा , तपन कुमार डेका और गोविन्द मोहन भी मौजूद रहे।
अमित शाह के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

