Social Awareness : बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान बना सामाजिक बदलाव का उदाहरण… 7,498 ग्राम पंचायत अनारक्षित बाल विवाह मुक्त घोषित

Social Awareness : बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान बना सामाजिक बदलाव का उदाहरण… 7,498 ग्राम पंचायत अनारक्षित बाल विवाह मुक्त घोषित

रायपुर, 16 मई। छत्तीसगढ़ में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान को लेकर केंद्र में “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” शुरू किया गया, अब सामाजिक बदलाव की बड़ी जोड़ी बनती जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जनभागीदारी के व्यापक आंदोलन को इस अभियान में शामिल किया है। 10 मार्च 2024 से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य केवल बाल विवाह लाभ नहीं, बल्कि बेटी के प्रति समाज में सकारात्मक सोच भी विकसित करना है।

गाँव-गाँव में चल रहा जागरूकता अभियान

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में नामांकन कार्यकर्ता, प्रतिनिधि पंचायत, शिक्षक, मितानिन और महिला स्व-सहायता समूह के लोगों को सलाह देने में भूमिका निभाई जाती है। यही कारण है कि यह अभियान अब सरकारी कार्यक्रम से आगे सामाजिक निजी का हिस्सा बनकर सामने आ रहा है।

2028-29 तक पूरा प्रदेश बाल विवाह मुक्त होगा

राज्य सरकार ने वर्ष 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है।

चरणबद्ध योजना के अंतर्गत—
• 2025-26 तक 40%
• 2026-27 तक 60%
• 2027-28 तक 80%
• 2028-29 तक सभी ग्राम परियोजनाओं और दस्तावेजों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की तैयारी है।

64 प्रतिशत पंचायतें होलें बाल विवाह मुक्त

31 मार्च 2026 तक राज्य के 11,693 ग्रामों में से 7,498 पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित की जा चुकी हैं, जो कुल मिलाकर लगभग 64 प्रतिशत है। वहीं 196 डायनासोर में से 85 लाशें भी इस श्रेणी में शामिल हो गए हैं। बालोद जिले ने इस दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए स्वयं को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त घोषित किया है। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास से मिली यह सफलता अब दूसरे उत्पाद के लिए प्रेरणा बन रही है।

बेटी की शिक्षा और सुरक्षा पर ज़ोर

राज्य सरकार का कहना है कि विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत शिक्षाएं और आत्मनिर्भर बेटियां ही होंगी। इसी सोच के तहत संबद्धता की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा से जुड़ी पात्रता दी जा रही है। अभियान के तहत किशोरों और मूल निवासियों पर लगातार काम किया जा रहा है ताकि समाज में स्थायी बदलाव लाया जा सके।

राष्ट्रीय स्तर पर बन रहा उदाहरण

पंचायत आधारित जनभागीदारी, सतत निगरानी और सामाजिक जागरूकता के मॉडल के कारण “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन रहा है।

राज्य खबर स्पेशल