नई दिल्ली, 16 मई। LPG LNG Deal India UAE : PM नरेंद्र मोदी के अबू धाबी दौरे के दौरान भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा रणनीतिक समझौता हुआ है। इस डील के तहत UAE अब भारत के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में 30 मिलियन यानी 3 करोड़ बैरल तक कच्चा तेल स्टोर कर सकेगा। यह अहम फैसला प्रधानमंत्री मोदी और UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद लिया गया। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड और ADNOC के बीच रणनीतिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
होर्मुज तनाव के बीच भारत की बड़ी तैयारी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में अस्थिरता के बीच यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों ने सुरक्षित समुद्री व्यापार मार्ग और जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। भारत ने UAE पर हुए हालिया हमलों की निंदा करते हुए उसके साथ एकजुटता भी जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भविष्य में किसी वैश्विक तेल संकट की स्थिति में भारत को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करेगी।
LPG, LNG और निवेश पर भी बड़ा समझौता
ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करते हुए भारत और UAE ने स्ट्रैटेजिक गैस रिजर्व बनाने की दिशा में भी साथ काम करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और एडीएनओसी के बीच लॉन्ग-टर्म LPG सप्लाई समझौता भी हुआ है। सिर्फ ऊर्जा ही नहीं, UAE ने भारत में 5 अरब डॉलर निवेश (LPG LNG Deal India UAE) की घोषणा भी की है। यह निवेश बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस सेक्टर में किया जाएगा। रक्षा, समुद्री सहयोग, शिपबिल्डिंग और एडवांस कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में भी कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह डील भारत-UAE संबंधों को नई मजबूती देने के साथ-साथ भारत की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी।

