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Dweepti Yojana : छत्तीसगढ़ में ‘द्वीपसमूह योजना’ को मंजूरी… ग्रामीण महिलाएं बनेंगी ऊर्जा क्षेत्र के विक्रेता और प्रबंधक

Archipelago Scheme: 'Archipelago Scheme' Approved in Chhattisgarh... Rural Women to Become Salespersons and Managers in the Energy Sector

Dweepti Yojana

रायपुर, 16 मई। Dweepti Yojana : छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत बनाने और उन्हें आर्थिक ढांचे से जोड़ने की महत्वाकांक्षी ‘द्वीपमंति योजना’ को मंजूरी दे दी है। वर्ष 2026 से 2031 तक लागू होने वाली यह योजना महिला नेतृत्व आधारित हरित ऊर्जा मॉडल को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साई के नेतृत्व में सबसे पहले ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र के स्वामी, शिक्षक और तकनीकी प्रबंधक के रूप में नई पहचान दिलाएगी।

‘सोलर दीदी’ बनेंगी की ऊर्जा साखी

योजना के तहत ग्राम स्तर पर ‘सोलर दीदी’ (ऊर्जा सखी) का विशेष कार्ड तैयार किया जाएगा। प्रमुख महिलाओं को सौर ऊर्जा की स्थापना, संचालन और तकनीकी शिक्षण का प्रशिक्षण दिया गया। ये साइंटिस्ट में सत्यन मिल, कोल्ड स्टोरेज, समुद्र तट और अन्य सौर इंजीनियरों का संचालन और प्रबंधन शामिल है। इससे संबंधित क्षेत्र में तकनीकी खराबियों के त्वरित समाधान में मदद मिलेगी।

महिला ऊर्जा सहजीविता का गठन

योजना के तहत महिला नेतृत्व वाली एनर्जी एसोसिएशन (सीएलएफ) को विकसित किया जाएगा। यह समिति सामूहिक रूप से ऊर्जा उत्पादन का संचालन स्टॉक बनाती है। महासमुंद और बस्तर जिले के सीएलएफ पहले ही विक्रेता के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं।

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से रेलवे

इन निवेशकों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अधिकृत विक्रेता और चैनल के रूप में जोड़ा जा रहा है। राज्य स्तर पर सामुद्रिक थोक खरीद से लागत कम होगी, जबकि स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा बिक्री और सेवा का कार्य आवंटन।

भुगतान-प्रति-उपयोग मॉडल से विशिष्ट सुविधा

ग्रामीण रसायनों के लिए ‘पे-पर-यूज़’ और ‘पे-एज़-यू-गो’ मॉडल लागू होंगे। इस व्यक्ति का केवल उपयोग के लिए ऊर्जा के अनुसार भुगतान कर शुल्क लिया जाता है। राज्य सरकार ने 25 प्रतिशत कार्य महिला ऊर्जा उद्यमियों के लिए बैचलर अनुबंध पर निर्णय भी लिया है।

‘बिहान’ नेटवर्क की होगी सबसे बड़ी भूमिका

योजना का वैज्ञानिक ‘बिहान’ नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के लगभग 2.7 लाख स्व-सहायता समूह की भागीदारी होगी। राज्य सरकार का मानना ​​है कि यह योजना केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार, नेतृत्व और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी तैयार करेगी।

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