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भारतीय वायुसेना को मिलेंगे 114 नए मल्टी-रोल फाइटर जेट…3.3 लाख करोड़ की डील की तैयारी

The Indian arsenal is moving ahead with the mega procurement process of 114 multi-role fighter aircraft to enhance its capabilities,

Indian Air Force

नई दिल्ली,15 मई।  भारतीय वायुसेना अपनी लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के लिए 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट की बड़ी खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस बहुचर्चित सौदे के लिए शुरुआती टेंडर दस्तावेज लगभग तैयार हैं और जल्द ही इसे आधिकारिक रूप से जारी किया जा सकता है।
करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये के इस संभावित सौदे को भारत की सुरक्षा जरूरतों और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा उत्पादन रणनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
22 विमान विदेश से, 92 का निर्माण भारत में
प्रस्तावित योजना के तहत 114 में से 22 लड़ाकू विमान सीधे विदेश से खरीदे जाएंगे, जबकि शेष 92 विमानों का निर्माण भारत में स्थानीय साझेदारी के तहत किया जाएगा। इससे देश में रक्षा उत्पादन क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वायुसेना के लिए क्यों अहम है यह डील?
भारतीय वायुसेना इस समय स्क्वाड्रन की कमी का सामना कर रही है। चीन और पाकिस्तान जैसे दोहरे सुरक्षा दबाव को देखते हुए आधुनिक लड़ाकू विमानों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। नए विमान शामिल होने से वायुसेना की हवाई ताकत, सटीक हमले की क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

राफेल को माना जा रहा मजबूत दावेदार
इस सौदे में फ्रांस का Dassault Rafale प्रमुख दावेदारों में शामिल माना जा रहा है भारत पहले ही 36 राफेल विमानों को वायुसेना में शामिल कर चुका है, जिससे इसके पक्ष में मजबूत लॉजिस्टिक और ट्रेनिंग इकोसिस्टम मौजूद है।
राफेल अपनी आधुनिक एवियोनिक्स, शक्तिशाली रडार सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं के लिए जाना जाता है, जो इसे इस प्रतियोगिता में मजबूत विकल्प बनाता है।

मेक इन इंडिया’ को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
इस परियोजना के तहत भारत में 92 विमानों का निर्माण होने से घरेलू रक्षा उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा इससे हजारों रोजगार सृजित होने के साथ-साथ भारतीय कंपनियों को उन्नत सैन्य तकनीक सीखने और विकसित करने का अवसर मिलेगा।

कब मिल सकते हैं नए विमान?
रक्षा सूत्रों के अनुसार, यदि 2026 में इस सौदे पर हस्ताक्षर होते हैं, तो पहले विमान 2029 या 2030 तक भारतीय वायुसेना में शामिल हो सकते हैं शुरुआती चरण में विदेश में बने विमान शामिल होंगे, जबकि बाद में भारत में निर्माण कार्य तेज किया जाएगा।

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