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रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन ठप…सफाई कर्मचारियों का हड़ताल जारी

The door-to-door garbage collection system in Raipur has been completely affected, in many areas of the city people are waiting for garbage collectors outside their homes in the morning, but the garbage collection site could not be connected to

Door-to-door in Raipur

रायपुर,15मई| रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है शहर के कई इलाकों में सुबह लोग घरों के बाहर कचरा लेकर गाड़ियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं इससे राजधानी की सफाई व्यवस्था पर गंभीर असर देखने को मिल रहा है।

बताया जा रहा है कि नगर निगम और कचरा कलेक्शन एजेंसी के बीच भुगतान विवाद के चलते यह स्थिति बनी है शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही DSW  ने काम रोक दिया है कंपनी का आरोप है कि नगर निगम की ओर से मार्च 2025 से अब तक लगभग 78 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है, जिसके कारण संचालन में आर्थिक संकट गहरा गया है।

कंपनी के अनुसार लंबे समय से केवल आंशिक भुगतान मिल रहा था, जबकि ईंधन, वाहन रखरखाव और कर्मचारियों के वेतन सहित संचालन लागत लगातार बढ़ती जा रही था इसी बीच वाहन चालकों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी, जिससे कचरा कलेक्शन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।

जानकारी के मुताबिक रायपुर और नवा रायपुर क्षेत्र से प्रतिदिन करीब 750 टन कचरा निकलता है, जिसे संकरी स्थित प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाने के लिए सैकड़ों वाहन और बड़ी संख्या में कर्मचारी तैनात हैं कंपनी का कहना है कि वर्तमान में 269 वाहन और लगभग 800 कर्मचारी इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं, जिन पर हर महीने भारी खर्च आता है।

कर्मचारियों का आरोप है कि कलेक्टर दर पर भुगतान होने के बावजूद पुराने ड्राइवरों के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई लगातार मांगों के बाद भी समाधान नहीं निकलने पर उन्हें हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ा।

यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो राजधानी में कचरा प्रबंधन का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है शहर का पुराना डंपिंग यार्ड लगभग भर चुका है, जबकि नए स्थानों पर कचरा निस्तारण को लेकर पर्यावरणीय आपत्तियां भी सामने आ रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में शहर की गलियों और सड़कों पर कचरे का दबाव और बढ़ने की आशंका है।

गौरतलब है कि रामकी कंपनी पिछले कई वर्षों से पीपीपी मॉडल के तहत रायपुर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य कर रही है नगर निगम के साथ उसका 15 वर्षों का अनुबंध है, जिसके तहत तय अवधि पूरी होने के बाद सभी संसाधन निगम को सौंपे जाने हैं।

वहीं मीनल चौबे ने कहा है कि कंपनी के अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है और जल्द ही समस्या का समाधान निकालकर डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था बहाल की जाएगी।

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