Water Supply : बैलाडीला की पहाड़ियों के पीछे बसे गांवों तक पहुंचेगी पेयजल सुविधा

Water Supply : बैलाडीला की पहाड़ियों के पीछे बसे गांवों तक पहुंचेगी पेयजल सुविधा

रायपुर, 14 मई। Water Supply : बैलाडीला की पहाड़ियों के पीछे बसे दूरस्थ और दुर्गम गांवों में वर्षों से व्याप्त पेयजल संकट अब खत्म होने की ओर है। भौगोलिक विषमताओं और कठिन रास्तों के कारण विकास की मुख्यधारा से कटे ग्राम पंचायत हिरोली अंतर्गत बड़ेपल्ली, पुरंगेल और लावा जैसे गांवों में प्रशासन ने कुआं खनन के जरिए नई उम्मीद जगाई है। इन गांवों में 10 कुओं के खनन कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 4 कुओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

भौगोलिक चुनौतियों से जूझ रहे ग्रामीण

ग्राम पंचायत हिरोली के अंतर्गत आने वाले गांव कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में स्थित हैं। यहां पक्की सड़कों का अभाव और भारी वाहनों की पहुंच न होने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित थी। बोरिंग मशीनें गांवों तक नहीं पहुंच पाने के कारण ग्रामीणों को लंबे समय से स्वच्छ पेयजल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था।

कलेक्टर की पहल से शुरू हुआ कार्य

ग्रामीणों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर Devesh Kumar Dhruv ने क्षेत्र का दौरा कर 10 कुओं के खनन की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। प्रशासन की इस पहल का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है।

इन गांवों में तेजी से हो रहा काम

बेंगपाल में पहले से मौजूद 5 हैंडपंपों के साथ अब 2 नए कुओं का निर्माण पूरा हो चुका है। बड़ेपल्ली में 1 हैंडपंप वाले गांव में 2 कुओं का खनन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। पुरंगेल में 1 नए कुएं का निर्माण तेजी से जारी है, जबकि लावा गांव में कुआं निर्माण के लिए सामग्री पहुंचाई जा चुकी है और मई के अंत तक कार्य पूरा होने की संभावना है।

सोलर आधारित पेयजल योजना पर भी फोकस

प्रशासन पारंपरिक कुओं के साथ आधुनिक समाधान पर भी काम कर रहा है। क्रेडा के माध्यम से बेंगपाल में सोलर आधारित पेयजल प्रणाली के लिए यील्ड टेस्टिंग की जा रही है। परीक्षण सफल होने के बाद ग्रामीणों को सौर ऊर्जा संचालित शुद्ध पेयजल की नियमित सुविधा मिल सकेगी।

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