नई दिल्ली,14 मई। पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की बचत और मितव्ययिता की अपील का असर अब राज्यों में साफ दिखाई देने लगा है भाजपा शासित समेत कई राज्यों ने सरकारी खर्च और ईंधन खपत कम करने के लिए बड़े फैसले लिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, देश के करीब 12 राज्यों ने सरकारी कामकाज में कटौती, वर्क फ्रॉम होम, काफिलों में कमी और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए हैं त्रिपुरा सरकार ने सचिवालय और सरकारी दफ्तरों में केवल 50% कर्मचारियों की उपस्थिति का फैसला किया है, जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे।
आंध्र प्रदेश और गोवा में मुख्यमंत्रियों के काफिलों में वाहनों की संख्या आधी कर दी गई है उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों को सीमित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने खुद भी अपने काफिले को छोटा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल की यात्राओं में उनका काफिला करीब 50% तक घटाया गया और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया।
महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों के विदेशी दौरों और गैरजरूरी हवाई यात्राओं पर रोक लगाने जैसी सख्त पहल की है वहीं कई राज्यों में ऑनलाइन बैठकों और कारपूलिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, वर्क फ्रॉम होम बढ़ाने और अनावश्यक खर्च कम करने की अपील की थी। इसके बाद केंद्र और राज्यों में मितव्ययिता अभियान तेज हो गया है।

